बिलासपुर।छत्तीसगढ़ में तेंदूपत्ता वन लॉट के सफल खरीदारों को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने खरीद मूल्य की 2 प्रतिशत एक्सेस एंड बेनिफिट शेयरिंग (ABS) राशि की वसूली के खिलाफ दायर सभी रिट याचिकाएं खारिज कर दी हैं।
जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की सिंगल बेंच ने 13 अगस्त को साझा आदेश जारी करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य जैव विविधता बोर्ड की ABS वसूली व्यवस्था को सही ठहराया।
दरअसल, जैव विविधता बोर्ड ने जनवरी 2023 में आदेश जारी कर तेंदूपत्ता वन लॉट के सफल खरीदारों से खरीद मूल्य का 2 प्रतिशत ABS के रूप में वसूलकर बोर्ड में जमा कराने के निर्देश दिए थे।
खरीदारों ने कोर्ट में तर्क दिया था कि तेंदूपत्ता का कारोबार 1964 के राज्य कानून के तहत होता है। उनका कहना था कि वे वनवासियों से सीधे तेंदूपत्ता नहीं खरीदते, बल्कि सरकारी नीलामी के जरिए वन लॉट लेते हैं। इसलिए उन पर जैव विविधता कानून के तहत ABS लागू नहीं होना चाहिए।
हाईकोर्ट ने खरीदारों की इस दलील को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि तेंदूपत्ता एक जैव संसाधन है और उसका व्यावसायिक इस्तेमाल करने वाले खरीदार सिर्फ इस आधार पर ABS व्यवस्था से बाहर नहीं हो सकते कि उन्होंने सरकारी नीलामी के जरिए तेंदूपत्ता खरीदा है।
कोर्ट ने जैव विविधता बोर्ड की ओर से जारी संबंधित आदेशों में अधिकार क्षेत्र की गलती, अवैधानिकता या मनमानेपन जैसी कोई बात नहीं मानी।
इस फैसले के बाद तेंदूपत्ता वन लॉट के सफल व्यावसायिक खरीदारों से 2 प्रतिशत ABS राशि की वसूली जारी रहेगी।






