बीजापुर: छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार द्वारा बिजली बिल हाफ योजना में बदलाव और सीमित लाभ देने के फैसले के खिलाफ कांग्रेस ने तीखा विरोध दर्ज कराया। बीजापुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का पुतला दहन कर विरोध जताया।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह निर्णय सीधे तौर पर आम जनता की जेब पर वार है। कांग्रेस ने बताया कि जब उनकी सरकार थी, तब 5 वर्षों तक चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद 44 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली बिल हाफ योजना के तहत बड़ी राहत दी गई, जिससे हर परिवार को ₹40,000 से ₹50,000 तक की बचत हुई थी।
उस योजना के अंतर्गत 400 यूनिट तक की खपत पर बिल आधा होता था, लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार ने इसे घटाकर सिर्फ 100 यूनिट तक सीमित कर दिया है। इससे अधिक खपत पर उपभोक्ताओं को पूरा बिल देना होगा, और पहले मिल रही 100 यूनिट की छूट भी खत्म कर दी गई है।
बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार ने पिछले डेढ़ साल में बिजली दरों में चार बार बढ़ोतरी की है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 80 पैसे, व्यवसायिक के लिए 25 पैसे और कृषि पंपों के लिए 50 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। साथ ही उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं, जबकि कांग्रेस शासनकाल में 24 घंटे बिजली की सुविधा थी।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों के चलते बिजली उत्पादन की लागत बढ़ी है—जैसे कोयले पर ग्रीन टैक्स, अडानी से महंगे कोयले की खरीद और स्मार्ट मीटर की अनियमित बिलिंग।
विधायक ने सरकार से सवाल पूछा:
“कोयला, जमीन और पानी हमारा है, फिर जनता को बिजली इतनी महंगी क्यों?”
कांग्रेस ने घोषणा की है कि वे इस जनविरोधी फैसले के खिलाफ प्रदेश भर में आंदोलन करेंगे और जनता के साथ मिलकर भाजपा सरकार को जवाब देंगे।







