बौद्ध मठ के ‘सीईओ भिक्षु’ पर महिलाओं से संबंध, अवैध संतान, गबन जैसे संगीन आरोप, चीन सरकार ने की बड़ी कार्रवाई

Madhya Bharat Desk
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शाओलिन मठ के प्रमुख भिक्षु शी योंगशिन एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। चीन सरकार ने उनके खिलाफ गंभीर आरोपों की जांच शुरू कर दी है। उन पर न केवल वित्तीय अनियमितता और संपत्ति गबन के आरोप लगे हैं, बल्कि कई महिलाओं से अवैध संबंध और एक संतान होने जैसे आरोप भी सामने आए हैं। इन सबके चलते बौद्ध संघ ने उनका भिक्षु प्रमाणन भी रद्द कर दिया है।

सीईओ भिक्षु क्यों कहे जाते हैं शी योंगशिन?
शाओलिन कुंगफू की जन्मस्थली कहे जाने वाले इस 1500 साल पुराने बौद्ध मठ को वैश्विक ब्रांड में बदलने का श्रेय उन्हें जाता है। उन्होंने एमबीए की पढ़ाई के बाद शाओलिन संस्कृति को दुनियाभर में प्रचारित किया, जिससे वे वाणिज्यिक गतिविधियों में भी शामिल हो गए। फिल्म, गेम्स और चिकित्सा से लेकर रियल एस्टेट तक मठ का विस्तार किया गया।

क्या हैं प्रमुख आरोप?
बौद्ध नियमों के उल्लंघन, ब्रह्मचर्य भंग, फंड का दुरुपयोग, निजी कंपनियों की स्थापना, अवैध संबंध और बच्चा—इन आरोपों पर चीन के कई विभाग जांच कर रहे हैं। बताया गया है कि वे हिरासत में हैं और उनका सोशल मीडिया अकाउंट भी निष्क्रिय हो चुका है।

पहले भी रहे हैं विवादों में
2006 में सरकार द्वारा गिफ्ट में दी गई लग्ज़री कार को लेकर विवाद हुआ था। वहीं, 2015 में सोशल मीडिया पर महिलाओं के साथ संबंध और संतान की तस्वीरें वायरल हुई थीं। फिर भी 2020 में वे बौद्ध संघ के अध्यक्ष बने रहे।

शाओलिन मठ की भूमिका
मठ ने आरोपों की पुष्टि करते हुए कहा है कि यह संस्था जांच में सहयोग कर रही है और सरकार के फैसलों का इंतजार कर रही है।

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