नई दिल्ली।कांग्रेस ने अपने संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए कई राज्यों के लिए नए महासचिव और प्रभारी नियुक्त किए हैं। AICC महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने 5 सितंबर को इन नियुक्तियों की जानकारी दी। इस फेरबदल में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की जिम्मेदारी बदलना सबसे ज्यादा चर्चा में है। बघेल को पंजाब से हटाकर अब असम का महासचिव प्रभारी बनाया गया है।
सचिन पायलट अब संभालेंगे पंजाब
कांग्रेस ने अब तक छत्तीसगढ़ के प्रभारी महासचिव रहे सचिन पायलट को पंजाब की जिम्मेदारी सौंपी है। पायलट पंजाब कांग्रेस के संगठन और राजनीतिक गतिविधियों को संभालेंगे।
वहीं, छत्तीसगढ़ में उनकी जगह सुखदेव भगत को नया प्रभारी बनाया गया है। भगत के सामने प्रदेश में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने और नेताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने की चुनौती होगी।
सुरजेवाला को गुजरात और कर्नाटक की जिम्मेदारी
संगठन में हुए बदलाव के तहत रणदीप सिंह सुरजेवाला को गुजरात का महासचिव प्रभारी बनाया गया है। इसके साथ ही उन्हें कर्नाटक की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दी गई है।
डॉ. सिरिवेल्ला प्रसाद को महाराष्ट्र और पी.वी. मोहन को आंध्र प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है। वहीं, जितेंद्र सिंह, रमेश चेन्निथला और मणिकम टैगोर की महासचिव प्रभारी के तौर पर जिम्मेदारियां खत्म कर दी गई हैं। मुकुल वासनिक AICC महासचिव के पद पर बने रहेंगे।
पंजाब से असम भेजे जाने की क्या है वजह?
भूपेश बघेल को पंजाब से हटाकर असम की जिम्मेदारी दिए जाने के फैसले को पंजाब कांग्रेस के अंदर चल रही गुटबाजी से जोड़कर भी देखा जा रहा है। पिछले कुछ समय से पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी मतभेद की खबरें आती रही हैं।

लुधियाना में कांग्रेस की एक बैठक के दौरान कथित तौर पर कुछ कार्यकर्ताओं ने भूपेश बघेल के खिलाफ ‘गो बैक’ के नारे भी लगाए थे। इसके बाद अब बघेल को पंजाब से हटाए जाने को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
हालांकि, कांग्रेस ने बघेल को असम भेजने के पीछे कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई है। इसलिए पंजाब में हुए विरोध और इस फेरबदल के बीच सीधा संबंध मानना अभी जल्दबाजी होगी।
असम में बघेल के सामने बड़ी चुनौती
भूपेश बघेल को अब असम जैसे महत्वपूर्ण राज्य की जिम्मेदारी मिली है। यहां कांग्रेस संगठन को मजबूत करना उनके लिए बड़ी चुनौती होगी। वहीं, सचिन पायलट के सामने पंजाब कांग्रेस में अलग-अलग गुटों के बीच तालमेल बैठाने और संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी होगी।
2027 के चुनावों पर भी पड़ेगा असर
कांग्रेस के इस संगठनात्मक बदलाव का असर आने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों पर भी देखने को मिल सकता है। खासकर छत्तीसगढ़ और पंजाब में नई जिम्मेदारियों के साथ पार्टी की रणनीति में बदलाव की संभावना है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि पंजाब में सचिन पायलट कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी को कितना कम कर पाते हैं और छत्तीसगढ़ में सुखदेव भगत की नई जिम्मेदारी से पार्टी संगठन कितना मजबूत होता है। वहीं, असम में भूपेश बघेल कांग्रेस को कितनी मजबूती दे पाते हैं, यह भी आने वाले समय में महत्वपूर्ण होगा।
कुल मिलाकर कांग्रेस ने एक साथ कई राज्यों में अपनी टीम में बदलाव किया है। इनमें भूपेश बघेल का असम जाना, सचिन पायलट का पंजाब पहुंचना और सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी मिलना सबसे अहम बदलाव माने जा रहे हैं।






