छत्तीसगढ़ विधानसभा में कांग्रेस शासनकाल के दौरान हुए एक खर्च को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। पिछली कांग्रेस सरकार द्वारा श्रमिकों के लिए आयोजित ‘बोरे-बासी तिहार’ पर कुल 9 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। यह जानकारी विधानसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में सामने आई।
बोरे-बासी तिहार का आयोजन श्रमिकों के सम्मान में किया गया था। इस आयोजन के तहत लगभग 50 हजार श्रमिकों को एक पारंपरिक भोजन—बोरे-बासी—खिलाया गया। इस आयोजन में भोजन की एक थाली की कीमत मात्र ₹32 थी, लेकिन पूरे कार्यक्रम के आयोजन और तामझाम पर हुआ खर्च चौंकाने वाला रहा। गणना के अनुसार, एक व्यक्ति को यह भोजन परोसने की कुल लागत ₹1795 प्रति व्यक्ति आई।
यह आंकड़ा छत्तीसगढ़ विधानसभा में विधायक धर्मजीत सिंह द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में पेश किया गया। धर्मजीत सिंह ने यह सवाल उठाया था कि बोरे-बासी आयोजन में कितना सरकारी धन खर्च हुआ और उसका लाभ कितने लोगों को मिला। जवाब में यह भी बताया गया कि भोजन की वास्तविक लागत अपेक्षाकृत बहुत कम थी, लेकिन अन्य व्यवस्थाओं जैसे—पंडाल, माइक, मंच, प्रचार, परिवहन और अधिकारियों के प्रबंध—पर अधिक खर्च हुआ।
इस खुलासे के बाद राज्य की राजनीति में हलचल मच गई है। विपक्ष ने कांग्रेस सरकार की नीतियों और खर्च के औचित्य पर सवाल उठाते हुए इस आयोजन को “लोकलुभावन और फिजूलखर्ची” करार दिया है। वहीं कांग्रेस की ओर से इसे श्रमिकों के सम्मान में एक सांस्कृतिक और सामाजिक पहल बताया गया।



