छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में नक्सल विरोधी मोर्चे पर एक बड़ी सफलता मिली है। रविवार को नॉर्थ सब जोनल ब्यूरो में सक्रिय 21 नक्सलियों ने जंगल से बाहर आकर आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें कई वरिष्ठ नक्सली कैडर शामिल थे, जो लंबे समय से इलाके में सक्रिय थे।
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने अपने साथ 18 ऑटोमेटिक हथियार — जिनमें AK-47, INSAS rifle और SLR rifle जैसी राइफलें शामिल थीं — पुलिस को सौंपे। इनमें DVCM और ACM जैसे बड़े पदों पर रहे नक्सली भी शामिल हैं। इससे इंद्रावती एरिया कमेटी का माड़ डिवीजन लगभग खाली हो गया है।
सरकार और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह आत्मसमर्पण अभियान नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति और विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है। पिछले 15 दिनों में छत्तीसगढ़ और पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र के गढ़चिरोली में कुल 292 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है।
राज्य सरकार ने आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को पुनर्वास योजना का लाभ देने की घोषणा की है। लगातार सुरक्षा बलों के दबाव और विकास योजनाओं के चलते नक्सली अब हिंसा का रास्ता छोड़ रहे हैं। इस कदम से बस्तर क्षेत्र में शांति और सुरक्षा का माहौल मजबूत होने की उम्मीद है।



