बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के कमजोर नतीजों के बाद शिक्षा विभाग ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। खराब रिजल्ट के चलते विभाग ने जिले में अब तक की सबसे कड़ी कार्रवाई की है।
लगातार गिरते परीक्षा परिणामों के कारण जिला शिक्षा विभाग ने 8 प्राचार्यों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं 14 अन्य प्राचार्यों की सालाना वेतन वृद्धि रोकने के आदेश भी जारी किए गए हैं। खास बात यह है कि इस कार्रवाई में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएमश्री स्कूल योजना से जुड़े स्कूलों के प्राचार्य भी शामिल हैं।
पीएमश्री योजना की शुरुआत नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने और सरकारी स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस मॉडल स्कूल बनाने के उद्देश्य से की गई थी। इन स्कूलों में स्मार्ट क्लास, आधुनिक लैब, बेहतर शिक्षण व्यवस्था और छात्रों के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया जाता है। लेकिन इसके बावजूद कई पीएमश्री स्कूलों का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा, जिससे अब इस योजना के क्रियान्वयन पर भी सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार जिले के कई स्कूलों का परीक्षा परिणाम काफी निराशाजनक रहा। कई स्कूलों का रिजल्ट सिर्फ 30 से 47 प्रतिशत तक ही सीमित रहा। इसका असर जिले की प्रदेश स्तर की रैंकिंग पर भी पड़ा है।




