देश के कई हिस्सों, खासकर छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के एटीएम में नकदी की कमी की शिकायतें बढ़ रही हैं। कई जगहों पर ग्राहक एटीएम पहुंच रहे हैं, लेकिन मशीनों में कैश उपलब्ध नहीं होने या तकनीकी खामियों के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
एटीएम उद्योग के संगठन कन्फेडरेशन ऑफ एटीएम इंडस्ट्री (CATMi) ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और बैंकिंग क्षेत्र को चेतावनी दी है। संगठन का दावा है कि छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में एटीएम में कैश की उपलब्धता लगातार घट रही है, जिससे कई एटीएम बंद होने की स्थिति में पहुंच रहे हैं।
CATMi का आरोप है कि SBI बड़े शहरों के एटीएम में प्राथमिकता के आधार पर नकदी उपलब्ध करा रहा है, जबकि ग्रामीण और छोटे शहरी क्षेत्रों में कैश सप्लाई प्रभावित हो रही है। संगठन ने इस समस्या से एटीएम ऑपरेटरों को हो रहे आर्थिक नुकसान का हवाला देते हुए बैंकिंग उद्योग से 100 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है और 20 जून तक समाधान निकालने की अपील की है।
विशेषज्ञों के अनुसार, एटीएम में कैश संकट के पीछे डिजिटल भुगतान और यूपीआई का तेजी से बढ़ता उपयोग भी एक बड़ा कारण है। ऑनलाइन ट्रांजैक्शन बढ़ने से एटीएम से नकदी निकासी में कमी आई है, जबकि कैश ट्रांसपोर्ट, सुरक्षा और रखरखाव जैसी परिचालन लागत लगातार बढ़ रही है।

आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2023 में हर महीने एटीएम से करीब 57 करोड़ कैश निकासी के ट्रांजैक्शन होते थे, जो 2025 तक घटकर लगभग 43.95 करोड़ रह गए। इससे एटीएम संचालन करने वाली कंपनियों की आय पर भी असर पड़ा है।
हालांकि SBI ने किसी बड़े संकट से इनकार किया है। बैंक का कहना है कि देश में नकदी की कोई कमी नहीं है और कुछ स्थानों पर लॉजिस्टिक कारणों से अस्थायी परेशानी हो सकती है। बैंक ने दावा किया है कि कैश सप्लाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के प्रयास जारी हैं और जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी।




