रायपुर।छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया है कि बिजली बिल समय पर जारी नहीं किए जा रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि एक महीने के बजाय दो-दो महीने बाद बिल भेजे जाने से उनकी कुल यूनिट खपत एक ही बिल में जुड़ जाती है, जिससे वे ऊंचे स्लैब में पहुंच जाते हैं और उन्हें अधिक राशि का भुगतान करना पड़ता है।
उपभोक्ताओं के अनुसार, मार्च के बाद सीधे मई और उसके बाद जुलाई में बिजली बिल जारी किए गए। उनका आरोप है कि इस संबंध में संबंधित अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक बिलिंग व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ है।

उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि हर महीने नियमित रूप से बिल जारी किया जाए तो उनकी खपत अलग-अलग बिलों में दर्ज होगी और उन्हें निर्धारित स्लैब के अनुसार ही भुगतान करना पड़ेगा। उनका आरोप है कि वर्तमान व्यवस्था से आम उपभोक्ताओं पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
उपभोक्ताओं ने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी और राज्य सरकार से मांग की है कि प्रत्येक माह नियमित रूप से बिजली बिल जारी किए जाएं तथा यदि बिलिंग में देरी होती है तो उपभोक्ताओं से अतिरिक्त स्लैब के आधार पर अधिक राशि वसूलने के बजाय नियमानुसार राहत प्रदान की जाए।





