पटना (बिहार):बिहार में सत्ता के गलियारों से एक बार फिर नैतिकता और मर्यादा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। नगर विकास मंत्री जीवेश मिश्रा पर नकली दवाइयों की आपूर्ति में संलिप्त होने का आरोप है, और उन्हें इस मामले में दोषी भी पाया गया है।
एक समय था जब सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता और लोकलाज का महत्व था। किसी जनप्रतिनिधि पर आरोप लगते ही वो स्वयं पद छोड़ देता था, ताकि जांच निष्पक्ष हो सके। लेकिन वर्तमान दौर में ऐसा देखने को कम ही मिलता है।
जीवेश मिश्रा न केवल पद पर कायम हैं, बल्कि बेधड़क तरीके से मंत्रिमंडल का हिस्सा बने हुए हैं। हैरानी की बात यह है कि ‘डबल इंजन सरकार’ भी उन्हें खुला समर्थन दे रही है, जिससे आमजन में आक्रोश है।
सवाल उठता है कि क्या आज के जनप्रतिनिधियों में जवाबदेही की भावना समाप्त हो चुकी है? क्या सत्ता में बैठे लोगों को नैतिकता की कोई परवाह नहीं रह गई?
जनता अब यह जानना चाहती है कि क्या ऐसे मामलों में भी राजनीतिक संरक्षण मिलेगा या सच्चाई के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।



