पटना:बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने बड़ा ऐलान किया है। बिहार कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने बयान दिया है कि अगर महागठबंधन (INDIA ब्लॉक) की सरकार बनती है, तो मुस्लिम समाज से भी एक डिप्टी सीएम बनाया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पद पर किसे चुना जाएगा, इसका फैसला चुनाव परिणामों के बाद महागठबंधन के वरिष्ठ नेता मिलकर करेंगे।

अल्लावरु का बयान:
कृष्णा अल्लावरु ने कहा,
“कांग्रेस हमेशा समाज के हर वर्ग को बराबर प्रतिनिधित्व देने में विश्वास रखती है। अगर जनता का जनादेश मिला और हमारी सरकार बनी, तो मुस्लिम समाज से भी एक उपमुख्यमंत्री होगा। यह तय है कि किसी भी वर्ग को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाएगा। नाम का निर्णय परिणाम आने के बाद सामूहिक रूप से लिया जाएगा।”
राजनीतिक हलचल तेज़:
कांग्रेस प्रभारी का यह बयान बिहार की सियासत में नया मोड़ लेकर आया है। पहले से ही तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किया जा चुका है, जबकि वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी को उपमुख्यमंत्री पद के संभावित उम्मीदवार के रूप में पेश किया गया है।
अब मुस्लिम समुदाय से डिप्टी सीएम पद की मांग ने महागठबंधन में सत्ता संतुलन की नई चर्चा छेड़ दी है।
राजनीतिक विश्लेषण:
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बयान कांग्रेस की ओर से मुस्लिम-सवर्ण-दलित (MYD) समीकरण को मज़बूत करने की रणनीति का हिस्सा है। हालांकि, कुछ विपक्षी दल इसे “तुष्टिकरण की राजनीति” कहकर आलोचना कर सकते हैं।
महागठबंधन की स्थिति:
महागठबंधन में आरजेडी, कांग्रेस, वीआईपी, और अन्य दल शामिल हैं। तेजस्वी यादव पहले ही मुख्यमंत्री पद का चेहरा हैं, और अब मुस्लिम समुदाय से डिप्टी सीएम की घोषणा ने चुनावी समीकरण को और दिलचस्प बना दिया है।
कांग्रेस का यह कदम बिहार की राजनीति में सत्ता साझेदारी की नई परिभाषा तय कर सकता है। अब सभी की निगाहें चुनाव नतीजों पर टिकी हैं।






