रायपुर। छत्तीसगढ़ के घासी/घसिया समाज के युवाओं को जाति प्रमाण पत्र नहीं मिलने की समस्या को लेकर 10 जून 2026 को रायपुर के घड़ी चौक स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर प्रतिमा के सामने एक दिवसीय मौन धरना प्रदर्शन किया जाएगा। यह आंदोलन अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित किया जा रहा है।
सामाजिक कार्यकर्ता उपेन्द्र जगत ने बताया कि समाज के बड़ी संख्या में युवाओं के पास अब तक जाति प्रमाण पत्र नहीं है। इसके कारण वे शिक्षा, सरकारी नौकरियों और विभिन्न शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे हैं। इसी समस्या के समाधान की मांग को लेकर सुबह 10 बजे से मौन धरना आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने समाज के महिला, पुरुष, युवा और छात्र वर्ग से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर आंदोलन को समर्थन देने की अपील की है।
उपेन्द्र जगत ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर के संघर्षों की बदौलत वंचित और शोषित वर्गों को संविधान द्वारा कई महत्वपूर्ण अधिकार मिले हैं। इन अधिकारों के माध्यम से समाज के लोगों को व्यवस्था में भागीदारी और प्रतिनिधित्व का अवसर मिला है। ऐसे में जाति प्रमाण पत्र जैसी मूलभूत सुविधा से समाज के लोगों का वंचित रहना चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि जाति प्रमाण पत्र बनने से समाज के बच्चों और युवाओं के लिए शिक्षा, रोजगार और सरकारी योजनाओं तक पहुंच आसान होगी। इससे न केवल व्यक्तिगत विकास होगा, बल्कि पूरे समाज की प्रगति का मार्ग भी प्रशस्त होगा।
उन्होंने सभी समाजजनों से एकजुट होकर इस समस्या के समाधान के लिए आगे आने और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया।







