पर्यावरण प्रदूषण को कम करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए भारत सरकार ने तय किया है कि 1 नवंबर 2025 से पुराने डीजल और पेट्रोल वाहनों को फ्यूल नहीं दिया जाएगा। यह नियम पहले 1 जुलाई 2025 से लागू होना था, लेकिन अब इसे कुछ महीने टालकर नवंबर से लागू किया जा रहा है।
इस निर्णय का सबसे बड़ा असर दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, बेंगलुरु और पुणे जैसे बड़े शहरों में देखने को मिलेगा, जहां वायु प्रदूषण का स्तर सबसे अधिक रहता है। इन पांच शहरों में अब पुराने वाहनों को न तो फ्यूल स्टेशन पर पेट्रोल/डीजल मिलेगा और न ही उन्हें चलने की अनुमति दी जाएगी।
किन वाहनों पर लागू होगा नियम?
15 साल से पुराने पेट्रोल वाहन
10 साल से पुराने डीजल वाहन
यह फैसला पर्यावरण संरक्षण, खासकर शहरी इलाकों में जहरीली हवा पर नियंत्रण के उद्देश्य से लिया गया है। NCR में पहले से ही यह नियम लागू है, लेकिन अब इसे अन्य महानगरों में भी विस्तार दिया जा रहा है।
सरकार की तैयारी और चेतावनी:
परिवहन विभागों ने साफ किया है कि इन वाहनों के रजिस्ट्रेशन को स्वतः रद्द माना जाएगा और अगर कोई वाहन सड़क पर पाया गया तो भारी जुर्माना और वाहन जब्ती की कार्रवाई हो सकती है।
साथ ही, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और स्क्रैप नीति को प्रभावी बनाने के लिए सरकार सब्सिडी योजनाओं पर भी काम कर रही है।







