आषाढ़ में नेताओं कार्यकर्ताओं का श्रवणकाल “डाल डाल पर भाजपा, तो पांत पांत पर कांग्रेस”

Madhya Bharat Desk
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रायपुर :प्रातः 10.00 बजे मोबाइल पर संदेश मिला कि मौसम अच्छा है आईये इंडियन काफी हाउस में गरम-गरम सांभर बड़ा के साथ कॉफी का आनंद लें।

प्रशिक्षण वर्ग बनाम आमसभा

चर्चा प्रारंभ हुई क्योंकि दोनों पार्टी का महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित हुआ, कल 7 जुलाई को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष की साइंस कॉलेज में विराट आमसभा संपन्न हुई वहीं भाजपा के निर्वाचित विधायकों सांसदों का मैनपाट में प्रशिक्षण वर्ग प्रारंभ हुआ।

गड्ढों में नड्डा का संदेश

चर्चा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रसाद नड्डा का संबोधन पर केन्द्रित रहा, जिसमें उन्होंने निर्देश दिया और जो आज समाचार पत्रों में सुर्खियां भी बनी कि भ्रष्टाचार से दूर रहें कोई काम ऐसा ना करें जिससे जनता के पास मुंह दिखाने के लायक ना रहे

और जन नेता बनने की कोशिश करिए, राजा बनने की कोशिश ना करें।

छत्तीसगढ़ की भ्रष्ट परिपाटी से अंजान राष्ट्रीय अध्यक्ष

पत्रकार ने भाजपा के नेता से पूछा कि क्या छत्तीसगढ़ भाजपा के बारे में राष्ट्रीय अध्यक्ष को कोई जानकारी नहीं है या फिर वह अपना सिर्फ खाना पूर्ति कर वापस नई दिल्ली रवाना हो गये।

भाजपा नेता ने भी बेबाक बताते हुए कहा कि अब भ्रष्टाचार शिष्टाचार बन चुका है, यह सिर्फ कार्यकर्ताओं की बैठक में बोलना अच्छा लगता है, अगर सरकार बन जाती है तो सभी इसमें डुबकी लगाने लगते हैं।

कदाचार के सेंसेक्स में उछाल

छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार का सेंसेक्स तेजी से बढ़ चुका है, इसे रोक पाना अब संभव नहीं है, 18 महीने में ही रुझान आने लगे हैं, अभी तो 42 महीने बाकी है। चुनावी संकल्प पत्र में भ्रष्टाचार के विरुद्ध आयोग बनाने की बातें लिखी गयी है किन्तु आयोग फिलहाल प्रयोग प्रतीत हो रहा है।

काम का आवेदन कूड़ेदान में

भाजपा नेता यही नहीं रुके उन्होंने बताया कि मोबाइल के माध्यम से रात्रि प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं अपने मित्रों से पूछा कि जगत प्रसाद नड्डा यह क्या बोल गये, तो उन्होंने कहा कि 18 महीने में चुनाव का खर्च नहीं निकला है, यहां पूरी सरकार केंद्रीयकृत हो चुकी है सिर्फ 42 महीने बाकी है उसमें भी 35 महीने काम का मान कर चलें, उसी में हमें चुनाव का खर्च निकालना है और नड्डाजी उपदेश देकर चले गये। आखिरी 7 महीना पूछता कौन है, वैसे भी जमीन पर कार्यकर्ताओं के सुझाव से विकास कार्य के लिए मंत्री और मुख्यमंत्री को आवेदन देते हैं वह ब्यूरोक्रेट को प्रेषित कर देते हैं लेकिन काम स्वीकृति का आदेश शून्य है।

विकास कार्य ढप्प : जनधन गप्प गप्प

बरसात में पूरे प्रदेश की सड़क तालाब में परिवर्तित हो चुकी है और यह प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की सुर्खियां बन रही है। विकास कार्य लगभग ढप्प है, प्रत्यक्ष चर्चा में मुख्यमंत्री और मंत्री भी कहते हैं कि पहले संकल्प पत्र में उल्लेखित महतारी वंदना योजना, तेंदूपत्ता का बोनस, ₹5,500 में तेंदूपत्ता खरीदने की व्यवस्था, ₹3,100 में धान खरीदने की व्यवस्था, चरण पादुका के लिए 40 करोड रुपए की व्यवस्था के लिए पसीना निकल रहा है और अभी तो संकल्प पत्र में ₹500 में सिलेंडर देने के साथ अन्य घोषणाएं पेंडिंग है, इस जवाब से स्पष्ट होता है कि 5 वर्ष में कोई विकास कार्य होगा इसकी संभावना लगभग नहीं के बराबर है।

भाजपा नेता के जवाब से स्पष्ट हो गया कि वह असंतुष्ट हैं और अब कुछ नहीं हो सकता।

कांग्रेस की ऊंगली…

जब कांग्रेस नेता से कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के भाषण के बारे में चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि इसका एकमात्र संदेश यह है कि जनता के बीच भाजपा की छवि तेजी से खराब हो रही है हमें संगठित रहना है और 2028 में सरकार बनाने के लिए अनुकूल माहौल अभी से बने प्रारंभ हो गए हैं, आपसी टकराहट ना करें और सरकार बनाने में रणनीति बनाएं, कांग्रेस नेता ने यह अभी बताया कि कांग्रेस के अंदर भी कोई हाल-चाल ठीक नहीं है। जय वीरू की नई जोड़ी आ गई है, टी एस सिंह देव और डॉक्टर चरण दास महंत की नई जोड़ी बनेगी, संदेश से स्पष्ट नजर आ रहा है कि

भूपेश बघेल की अपनी अलग रणनीति चल रही है। प्रदेश अध्यक्ष अपने दिन गिन रहे हैं।

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आंतरिक बैठक में भी यह सब संदेश दिया और कार्यक्रम को सफल बनाने में कांग्रेस के नेताओं को बधाई भी दी।

आगे और पकेंगे भाजपा नेताओं के कान

नाश्ता टेबल पर आ गया सांभर बड़ा उदर में समा गया और कॉफ़ी की चुस्की ली गई और पत्रकार ने कहा कि अभी आठ और 9 जुलाई को प्रशिक्षण वर्ग का दो दिन बाकी है, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज 8 जुलाई को पता नहीं कौन सा प्रशिक्षण/संदेश देंगे।

गृहमंत्री का हथौड़ा चलेगा

9 जुलाई को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और महामंत्री संगठन बीएल संतोष, विधायकों सांसदों के साथ प्रदेश के निर्वाचित भाजपाई महापौर और जिला पंचायत अध्यक्षों को समापन भाषण में अपना क्या संदेश देंगे, इसका सभी को इंतजार है।

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