सार
गाजा में इस्राइली सेना के हमले जारी, रातभर हुई बमबारी और गोलीबारी में 82 नागरिकों की जान गई।गाजा पट्टी में बीते कई महीनों से जारी संघर्ष अब और भी भयानक रूप लेता जा रहा है। मानवीय संकट अपने चरम पर पहुंच गया है। हजारों लोग मारे जा चुके हैं, अनगिनत लोग घायल हुए हैं और आम नागरिक जीवन के लिए जूझ रहे हैं। स्कूल, अस्पताल और जरूरी ढांचे पूरी तरह बर्बाद हो चुके हैं।
विस्तार
ताजा घटनाक्रम में, इस्राइली सेना ने बुधवार रात से गुरुवार सुबह तक गाजा में जोरदार हवाई हमले और फायरिंग की। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय और अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, इन हमलों में 82 फिलिस्तीनी नागरिकों की मौत हुई।
रिपोर्ट के अनुसार, 38 लोग उस समय मारे गए जब वे राहत सामग्री लेने के लिए कतार में खड़े थे। वहीं, गाजा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन के पास भी 5 लोगों की मौत हुई, जो एक अमेरिकी समर्थित खाद्य सहायता केंद्र के आसपास थे।
इसके अलावा, 33 लोग अन्य सहायता ट्रकों का इंतजार करते समय अलग-अलग स्थानों पर मारे गए।
इस्राइली सेना ने इन हमलों को लेकर अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। हालांकि, यह कार्रवाई उस समय की गई है जब एक दिन पहले प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने घोषणा की थी कि “गाजा से हमास का पूरी तरह खात्मा किया जाएगा।”
नेतन्याहू ने साफ कहा कि युद्ध के बाद गाजा में हमास का कोई अस्तित्व नहीं बचेगा और इस्राइल की सुरक्षा सर्वोपरि रहेगी।
अमेरिका की भूमिका:
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मुद्दे को शांतिपूर्वक सुलझाने की अपील करते हुए कहा कि इस्राइल 60 दिनों के युद्धविराम पर सहमत हो गया है। ट्रंप ने हमास से इस प्रस्ताव को स्वीकार करने की अपील की, ताकि हालात और अधिक न बिगड़ें। अमेरिका लगातार युद्ध विराम के लिए कूटनीतिक दबाव बना रहा है।
गाजा में मानवीय संकट:
इस जंग ने गाजा को भारी तबाही में धकेल दिया है। बिजली, पानी, चिकित्सा सुविधाएं और स्कूल जैसी बुनियादी सेवाएं चरमराई हुई हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार युद्धविराम की मांग कर रहा है।







