नई दिल्ली।18 दिनों तक अंतरिक्ष में वैज्ञानिक अनुसंधान करने के बाद भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला और उनके तीन साथी Axiom-4 मिशन के तहत अब पृथ्वी पर वापसी के लिए तैयार हैं। उन्हें अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) में औपचारिक विदाई दी जा चुकी है।
विदाई समारोह में बोलते हुए शुभांशु शुक्ला ने कहा,
“यह यात्रा मेरे लिए अविश्वसनीय रही है। यहां का हर दिन एक जादू जैसा महसूस हुआ। अंतरिक्ष से देखा गया भारत आत्मविश्वास से भरा, निडर और प्रगति की ओर अग्रसर राष्ट्र की छवि प्रस्तुत करता है।”
उन्होंने विंग कमांडर राकेश शर्मा के ऐतिहासिक शब्दों को याद करते हुए कहा —
“‘सारे जहाँ से अच्छा हिंदोस्तां हमारा’ — यह भावना आज भी अंतरिक्ष से सच लगती है।”
शुभांशु शुक्ला भारत के पहले ऐसे व्यक्ति बने हैं जिन्होंने ISS में वैज्ञानिक प्रयोग किए हैं और अंतरिक्ष में 18 दिन बिताए हैं। इस दौरान उन्होंने प्रतिदिन 16 बार सूर्योदय और सूर्यास्त का अद्भुत अनुभव किया।
400 किमी ऊँचाई पर ISS लगभग 28,000 किमी/घंटा की गति से पृथ्वी की परिक्रमा करता है। शुभांशु ने कहा कि वे इस अभियान से “अद्भुत अनुभव और अमूल्य सीख” लेकर लौट रहे हैं जिसे वे भारतीय जनता के साथ साझा करेंगे।
Axiom-4 मिशन सोमवार को ISS से पृथ्वी की ओर लौटेगा और इसके मंगलवार को कैलिफोर्निया तट पर उतरने की संभावना है।



