छत्तीसगढ़ में मौसम ने अचानक करवट ले ली है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन साथ ही मौसम की अनिश्चितता भी बढ़ गई है। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाएं, हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि देखने को मिली।
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले चार दिनों तक प्रदेश में मौसम का यही बदला हुआ मिजाज बना रहेगा। इस दौरान पहले अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है, जिसके बाद तापमान फिर से 2 से 4 डिग्री तक बढ़ सकता है। यानी फिलहाल मौसम पूरी तरह स्थिर नहीं रहेगा।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 18 और 19 मार्च को प्रदेश में मौसम गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। इसके साथ ही गरज-चमक, वज्रपात और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी हो सकती है। ऐसे में किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
दरअसल, पूर्वी उत्तर प्रदेश के आसपास बने निचले स्तर के चक्रवाती परिसंचरण और ऊपरी स्तर पर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण प्रदेश में नमी बढ़ रही है। यही वजह है कि आंधी, बारिश और बिजली गिरने जैसी स्थिति बन रही है।
मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों के लिए अलर्ट भी जारी किया है। बीजापुर, बिलासपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कबीरधाम, कांकेर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, मुंगेली और नारायणपुर जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। यहां तेज आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि के साथ बारिश हो सकती है।
वहीं बालोद, बलौदाबाजार, बस्तर, बेमेतरा, धमतरी, दुर्ग, गरियाबंद, जांजगीर-चांपा, कोंडागांव, कोरबा, महासमुंद, रायगढ़, रायपुर, सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश, तेज हवाएं और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।
तापमान की बात करें तो प्रदेश में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 16.5 डिग्री सेल्सियस रायपुर के माना एयरपोर्ट में रिकॉर्ड हुआ। राजधानी रायपुर में आज अधिकतम तापमान करीब 37 डिग्री और न्यूनतम 19 डिग्री रहने का अनुमान है। दिनभर आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रह सकता है और शाम के समय बारिश या गरज-चमक देखने को मिल सकती है।







