चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म का एक बेहद पवित्र और महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। इन नौ दिनों में भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा कर उनसे सुख, समृद्धि और शांति की कामना करते हैं। वर्ष 2026 में चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च से हो रही है।
धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, नवरात्रि शुरू होने से पहले कुछ विशेष और शुभ वस्तुएं घर लाना बेहद लाभकारी माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इन चीजों को घर में लाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है, घर का वातावरण सकारात्मक बनता है और आर्थिक परेशानियां भी कम हो सकती हैं।
आइए जानते हैं कि नवरात्रि से पहले घर में कौन-सी पांच चीजें लाना शुभ माना जाता है।

1. सोने या चांदी का सिक्का
नवरात्रि से पहले सोने या चांदी का सिक्का खरीदना शुभ संकेत माना जाता है। यदि उस सिक्के पर मां लक्ष्मी या भगवान गणेश की आकृति बनी हो तो इसकी धार्मिक महत्ता और बढ़ जाती है। नवरात्रि के दौरान इसे पूजा स्थान पर रखने के बाद तिजोरी या लॉकर में सुरक्षित रखने से धन-समृद्धि की प्राप्ति होने की मान्यता है।

2. कमल का फूल या लक्ष्मी जी की तस्वीर
कमल का फूल देवी लक्ष्मी और मां दुर्गा दोनों को अत्यंत प्रिय माना जाता है। नवरात्रि के दौरान घर में कमल का फूल लाना या कमल पर विराजमान लक्ष्मी जी की तस्वीर स्थापित करना शुभ माना जाता है। इससे घर में शांति, सकारात्मकता और समृद्धि का वातावरण बनता है।

3. सोलह श्रृंगार की सामग्री
नवरात्रि को शक्ति की आराधना का पर्व माना जाता है। इस दौरान मां दुर्गा को सोलह श्रृंगार की वस्तुएं अर्पित करना विशेष फलदायी माना जाता है। लाल चुनरी, चूड़ियां, बिंदी और अन्य श्रृंगार सामग्री देवी को अर्पित करने से परिवार में प्रेम और सौहार्द बढ़ने की मान्यता है।

4. पीतल या तांबे का कलश
नवरात्रि में घटस्थापना का विशेष महत्व होता है। इसके लिए नया कलश लाना शुभ माना जाता है। कई लोग मिट्टी के कलश का उपयोग करते हैं, लेकिन पीतल या तांबे का कलश भी पवित्रता और शुभता का प्रतीक माना जाता है। इसे घर में लाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने की मान्यता है।

5. मोर पंख
मोर पंख को देवी सरस्वती और भगवान कृष्ण का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसे घर में रखने से नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है। नवरात्रि से पहले तीन मोर पंख लाकर मंदिर या घर के मुख्य द्वार के पास रखने से वास्तु दोष कम होने की मान्यता है।







