भाजपा के वरिष्ठ नेता निश्चय बाजपेई ने गौरा-गौरी (शिव-पार्वती) पूजन, गोवर्धन पूजा के पावन पर्व पर जनता को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि दीपोत्सव का यह पर्व प्रेम, एकता और आध्यात्मिकता का प्रतीक है।
निश्चय बाजपेई ने अपने शुभकामना संदेश में कहा —
“भव ही में हरि मिल सकता है,
अविचल पर्वत हिल सकता है,
जिससे चोट लगे उससे ही,
घाव हृदय का सिल सकता है।
पतझड़ में जो उजड़ गया है,
वर्षा में वन खिल सकता है,
अंतर है जिनसे विचार का,
उनसे भी मन मिल सकता है।”
उन्होंने कहा कि यह पर्व हमें अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने का संदेश देता है। दीपों की यह जगमगाहट समाज में नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार करती है।
निश्चय बाजपेई ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे प्रेम, सौहार्द और सद्भाव बनाए रखते हुए दीपावली, गौरा-गौरी पूजा और गोवर्धन पूजा जैसे पर्वों को एकता और उत्साह के साथ मनाएं।
अंत में उन्होंने कहा, “दीपोत्सव और गोवर्धन पूजा का यह शुभ पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और नई प्रेरणा लेकर आए।”







