अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के बयान पर Iran national football team ने कड़ा पलटवार किया है। विश्व कप में भागीदारी को लेकर दिए गए ट्रंप के बयान पर ईरान की टीम ने साफ कहा है कि किसी भी देश के पास उन्हें टूर्नामेंट से रोकने का अधिकार नहीं है।
टीम का कहना है कि FIFA द्वारा आयोजित विश्व कप एक वैश्विक खेल आयोजन है और इसमें खेलने का अधिकार क्वालिफिकेशन के आधार पर मिलता है, न कि किसी एक देश की इच्छा से।
ट्रंप ने क्या कहा था?
गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट करते हुए कहा था कि मौजूदा हालात में ईरान की टीम के खिलाड़ियों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है।
उन्होंने लिखा कि विश्व कप में ईरान की टीम का स्वागत है, लेकिन पश्चिम एशिया में जारी तनाव को देखते हुए खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब क्षेत्र में चल रहे संघर्षों के कारण कई तरह की राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं।
ईरान की टीम का जवाब
ट्रंप के बयान के बाद ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें विश्व कप से बाहर करने का अधिकार किसी देश के पास नहीं है।
टीम ने कहा कि अगर मेजबान देश टूर्नामेंट में भाग लेने वाली टीमों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकता, तो इसके लिए उसी को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।
ईरान की टीम ने यह भी कहा कि उन्होंने एशियाई क्वालिफाइंग राउंड में शानदार प्रदर्शन करते हुए विश्व कप के लिए जगह बनाई है और यह उपलब्धि उनके खिलाड़ियों की मेहनत का परिणाम है।
लगातार चौथी बार विश्व कप में जगह
ईरान ने एशियाई क्वालिफाइंग के तीसरे राउंड में ग्रुप-A में शीर्ष स्थान हासिल करते हुए लगातार चौथी बार विश्व कप के लिए क्वालिफाई किया है।
आगामी FIFA World Cup 2026 का आयोजन United States, Canada और Mexico में संयुक्त रूप से होगा। यह टूर्नामेंट 11 जून से 19 जुलाई 2026 तक खेला जाएगा।
फीफा अध्यक्ष ने दिया आश्वासन
इस बीच Gianni Infantino, जो फीफा के अध्यक्ष हैं, उन्होंने बताया कि उनकी ट्रंप से मुलाकात हुई थी। इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने भरोसा दिलाया था कि 2026 विश्व कप में ईरान की टीम का स्वागत किया जाएगा।
हालांकि ट्रंप के हालिया बयान के बाद इस मुद्दे पर नई बहस छिड़ गई है।







