फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी को पांच साल की सजा, लीबिया से गैरकानूनी फंडिंग का मामला

Madhya Bharat Desk
2 Min Read

फ्रांस से बड़ी खबर सामने आई है। पेरिस की एक अदालत ने गुरुवार को फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी को दोषी करार देते हुए पांच साल की सजा सुनाई है। आरोप है कि उन्होंने 2007 के राष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल करने के लिए लीबिया के तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी से गैरकानूनी फंडिंग ली थी।

50 मिलियन यूरो की फंडिंग का आरोप

जांच में सामने आया कि सरकोजी ने कथित तौर पर गद्दाफी की सरकार से कई मिलियन यूरो लिए थे। 2012 में फ्रांसीसी मीडिया ने एक खुफिया दस्तावेज प्रकाशित किया था, जिसमें लगभग 50 मिलियन यूरो की चुनावी फंडिंग का जिक्र था। सरकोजी ने उस दस्तावेज को फर्जी बताया और मानहानि का केस भी किया था, लेकिन बाद की जांच में दस्तावेज असली पाए गए।

तीन महीने लंबा ट्रायल और 12 आरोपी

करीब तीन महीने चले ट्रायल में सरकोजी समेत 12 लोगों पर केस चला, जिनमें उनके तीन पूर्व मंत्री भी शामिल थे। अभियोक्ता ने सात साल की सजा की मांग की थी, लेकिन अदालत ने पांच साल की सजा सुनाई। सरकोजी अब इस फैसले के खिलाफ अपील कर सकते हैं।

सूटकेस में कैश पहुंचाने का दावा

मामले ने तब तूल पकड़ा जब 2016 में फ्रेंको-लेबनानी बिजनेसमैन जियाद ताकीउद्दीन ने दावा किया था कि उन्होंने कैश से भरे सूटकेस ट्रिपोली से पेरिस ले जाकर सरकोजी को दिए थे। हालांकि बाद में उन्होंने यह बयान वापस ले लिया। ताकीउद्दीन का हाल ही में बेरुत में निधन हो गया।

दक्षिणपंथी राजनीति में अब भी प्रभावशाली

कई कानूनी विवादों के बावजूद, सरकोजी को फ्रांस की दक्षिणपंथी राजनीति में अब भी एक प्रभावशाली नेता माना जाता है। लेकिन इस ताजा फैसले से उनकी राजनीतिक छवि को बड़ा झटका लगा है।

Share on WhatsApp

Share This Article
Leave a Comment