आरक्षण: 2027 के चुनावों से संसद-विधानसभाओं में महिलाओं को मिलेगा 33% हिस्सा

Madhya Bharat Desk
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देश में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार महिला आरक्षण को जल्द लागू करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। सरकार संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई यानी 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने की योजना पर काम कर रही है।

सूत्रों के अनुसार, सरकार नारी वंदन अधिनियम में आवश्यक बदलाव कर संविधान संशोधन के जरिए इस व्यवस्था को जल्द लागू करने का रास्ता तलाश रही है। कोशिश है कि आने वाले वर्षों में होने वाले चुनावों में महिलाओं को ज्यादा प्रतिनिधित्व मिल सके।

2027 के विधानसभा चुनावों में लागू हो सकता है आरक्षण

सरकार की योजना है कि 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड विधानसभा चुनावों से ही महिला आरक्षण लागू कर दिया जाए। यदि ऐसा होता है, तो इन राज्यों की विधानसभाओं में लगभग एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर राज्यों में यह व्यवस्था लागू हो जाती है, तो 2029 के लोकसभा चुनाव में भी महिला आरक्षण लागू होने का रास्ता आसान हो जाएगा।

जनगणना और परिसीमन से अलग करने की तैयारी

मौजूदा कानून के अनुसार महिला आरक्षण लागू करने से पहले जनगणना और उसके बाद सीटों का परिसीमन जरूरी है। इस प्रक्रिया में कई साल लग सकते हैं।

इसी वजह से सरकार अब इस शर्त को बदलने के लिए संविधान संशोधन का विकल्प तलाश रही है, ताकि महिला आरक्षण को इन प्रक्रियाओं से अलग कर जल्द लागू किया जा सके।

दोहरे प्रतिनिधित्व के विकल्प पर भी विचार

सूत्रों के मुताबिक, सरकार कुछ सीटों पर दोहरे प्रतिनिधित्व (Dual Representation) जैसे विकल्पों पर भी चर्चा कर रही है। इसका मकसद यह है कि नई व्यवस्था लागू होने में देरी न हो और महिलाओं को जल्दी राजनीतिक अवसर मिल सकें।

विपक्ष से समर्थन की कोशिश

सरकार इस मुद्दे पर विपक्षी दलों के साथ भी सहमति बनाने की कोशिश कर रही है।
कांग्रेस, द्रमुक और समाजवादी पार्टी समेत कई दलों से बातचीत जारी है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पहले भी कह चुके हैं कि महिला आरक्षण को जल्द लागू किया जाना चाहिए और इसे जनगणना या परिसीमन से जोड़ना जरूरी नहीं है।

संसद में बढ़ेगी महिलाओं की भागीदारी

अगर महिला आरक्षण लागू हो जाता है, तो संसद में महिलाओं की संख्या में बड़ा इजाफा हो सकता है।

  • अभी लोकसभा में 543 सांसदों में से 78 महिलाएं हैं।
  • आरक्षण लागू होने पर यह संख्या बढ़कर करीब 181 तक पहुंच सकती है।

वहीं राज्यसभा में 245 सदस्यों में 32 महिलाएं हैं, जो बढ़कर लगभग 80 तक हो सकती हैं।

2023 में पारित हुआ था नारी शक्ति वंदन विधेयक

केंद्र सरकार ने सितंबर 2023 में नारी शक्ति वंदन विधेयक पारित कर महिला आरक्षण लागू करने का वादा किया था। हालांकि मौजूदा प्रावधानों के कारण इसे लागू होने में समय लग सकता था।

अब सरकार संविधान में बदलाव कर इस प्रक्रिया को तेज करने और महिलाओं को जल्द राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में काम कर रही है।

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