कैबिनेट ने ‘धर्म स्वतंत्रता विधेयक 2026’ के मसौदे को दी मंजूरी

Madhya Bharat Desk
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रायपुर। छत्तीसगढ़ में जबरन या लालच देकर धर्म परिवर्तन कराने के मामलों पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार नया कानून लाने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंगलवार को नवा रायपुर अटल नगर स्थित विधानसभा परिसर में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता विधेयक 2026 के मसौदे को मंजूरी दे दी गई।

बैठक के बाद जानकारी देते हुए उपमुख्यमंत्री Arun Sao ने बताया कि प्रस्तावित विधेयक का उद्देश्य किसी व्यक्ति को बल प्रयोग, प्रलोभन, दबाव, धोखाधड़ी या गलत जानकारी देकर एक धर्म से दूसरे धर्म में परिवर्तन कराने जैसी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाना है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस कानून के जरिए ऐसे मामलों को नियंत्रित करने और धर्म की स्वतंत्रता को सुरक्षित रखने की दिशा में कदम उठा रही है। संभावना है कि इस विधेयक को मौजूदा बजट सत्र के दौरान विधानसभा में पेश किया जाएगा।

गौरतलब है कि फिलहाल राज्य में छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता विधेयक, 1968 लागू है, जिसे छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद 1 नवंबर 2000 से प्रभावी माना गया था। अब सरकार बदलते हालात को देखते हुए नए कानून के माध्यम से इसे और मजबूत करने की तैयारी कर रही है।

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