खूंठाघाट बांध से शहर को मिलने वाली पानी की सप्लाई 21 नवंबर से रोक दी जाएगी, क्योंकि नहर में लगातार बढ़ते रिसाव ने स्थिति गंभीर कर दी है। नगर निगम और जल संसाधन विभाग ने संयुक्त रूप से मरम्मत का फैसला लिया है, जिसके चलते अगले 15 से 20 दिनों तक शहर की लाखों आबादी को कम पानी का सामना करना पड़ेगा।
यह वही नहर है जिसे अमृत मिशन योजना के तहत करीब दो वर्ष पहले ही बनाया गया था, लेकिन इतने कम समय में रिसाव सामने आने से निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। नहर और क्रॉस रेगुलेटर में आई खराबी के कारण वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट तक पानी की नियमित आपूर्ति प्रभावित होगी।
मरम्मत अवधि में नगर निगम ने शहर की 22 पानी टंकियों और ट्यूबवेल-मोटर पंपों के सहारे सीमित समय के लिए पानी आपूर्ति जारी रखने की बात कही है। हालांकि अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि सप्लाई अब पहले की तुलना में कम समय और कम मात्रा में मिलेगी। बिजली की निर्बाध उपलब्धता भी पानी सप्लाई को प्रभावित कर सकती है।



