भिलाई–खुर्सीपार की राजनीति में इस वक्त हलचल अपने चरम पर है। हिस्ट्रीशीटर मैडी उर्फ रितेश निखारे के साथ सार्वजनिक तौर पर नजर आने के बाद विधायक देवेंद्र यादव पर पहले से उठ रहे सवाल अब और तेज हो गए हैं। आरोप है कि हाफ मर्डर केस में सजा पा चुके व्यक्ति के साथ करीबी तस्वीरें और वीडियो सामने आने से राजनीतिक माहौल गरमा गया है। शहर में नारा गूंज रहा है — “देवेंद्र का हाथ, अपराधी के साथ!”
अब चर्चा सिर्फ देवेंद्र यादव तक सीमित नहीं रही। राजनीतिक गलियारों में यह भी कहा जा रहा है कि मैडी का संबंध कांग्रेस के वरिष्ठ नेता T. S. Singh Deo (टीएस बाबा) से भी काफी नजदीकी का रहा है। हालांकि इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन विपक्ष इसे बड़ा मुद्दा बनाकर पूछ रहा है — क्या यह सिर्फ संयोग है या राजनीतिक संरक्षण का मामला?
विरोधियों का कहना है कि जब भिलाई की जनता टाउनशिप रिटेंशन स्कीम और हाउस-शॉप लीज जैसे मुद्दों पर ठोस समाधान चाहती है, तब नेताओं की प्राथमिकताएं कुछ और दिखाई दे रही हैं। पहले गांधी टोपी पहनकर सत्याग्रह, 5 दिन का अनशन और बड़े दावे किए गए, फिर अचानक आंदोलन ठंडा पड़ गया।
एक पुराने वीडियो में खुद को गांधी का अनुयायी और Rahul Gandhi का “बब्बर शेर” बताने वाला बयान भी अब चर्चा में है। विरोधी तंज कस रहे हैं कि क्या यही गांधीवादी राजनीति है?
हालांकि अब तक इन आरोपों पर संबंधित नेताओं की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी और गुटीय समीकरणों के बीच ऐसे आरोप अक्सर तेज हो जाते हैं, लेकिन सच क्या है यह कानूनी और आधिकारिक तथ्यों से ही स्पष्ट होगा।






