रायपुर।सर्व छत्तीसगढ़िया किसान समाज के नेतृत्व में निकाली जा रही ‘छत्तीसगढ़ी महतारी अस्मिता रथ यात्रा’ जब महासमुंद पहुंची, तो शहर का माहौल पूरी तरह छत्तीसगढ़ी रंग में रंग गया। तुमाडवरी, परसदा, बेमचा, खैरा, पिटियाझर और नयापारा से होते हुए यह रथ यात्रा महासमुंद शहर के एकता चौक, अंबेडकर चौक, गांधी चौक, बरौंडा बाजार और नेहरू चौक सहित कई वार्डों में पहुंची, जहां लोगों ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया।
रथ जहां-जहां से गुजरा, वहां महिलाओं, युवाओं और बच्चों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। छत्तीसगढ़ी महतारी की वंदना और जागरण गीतों से पूरा वातावरण गूंज उठा। कई स्थानों पर आरती उतारकर रथ का स्वागत किया गया। इस दौरान सैकड़ों लोगों ने संगठन की सदस्यता भी ग्रहण की।
सभा को संबोधित करते हुए राज्य निर्माता संग्राम सेनानी लाला राम वर्मा ने कहा कि यह यात्रा छत्तीसगढ़ी अस्मिता, इतिहास पुरुषों के सम्मान और किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने के उद्देश्य से निकाली गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि तुमगांव के पास स्थित कथित अवैधानिक करणी कृपा पावर प्लांट से जुड़े मामले में प्रशासनिक अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ी महतारी की प्रतिमा को जब्त कर थाने में रखा था। बाद में न्यायालय के आदेश के बाद सर्व छत्तीसगढ़िया किसान समाज के संयोजक अनिल दुबे और जागेश्वर प्रसाद सहित अन्य नेताओं के प्रयासों से प्रतिमा को मुक्त कराया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं होना चिंता का विषय है। यात्रा का उद्देश्य छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान की रक्षा करना और किसानों की समस्याओं को शासन तक पहुंचाना है।
सभा को आदिवासी नेता अशोक कश्यप, छन्नूलाल साहू, नंदकुमार साहू, रूपसिंह निषाद, बृज बिहारी साहू, लक्ष्मीनारायण निषाद, श्रीमती राधा बाई सिन्हा और श्यामा बाई ध्रुव सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया।







