पद अवधि समाप्त, फिर भी वित्तीय मंजूरी—क्या कहता है नियम?

Madhya Bharat Desk
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रायगढ़ (छत्तीसगढ़)। औद्योगिक क्षेत्र रायगढ़ में स्थापित शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ललित प्रकाश पटेरिया के कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी उनके द्वारा लिए जा रहे वित्तीय निर्णयों को लेकर क्षेत्र में सवाल उठने लगे हैं। शिक्षाविदों और जनप्रतिनिधियों ने राज्य सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।

जानकारी के अनुसार डॉ. पटेरिया का कुलपति के रूप में पांच वर्षीय कार्यकाल 24 नवंबर 2025 को समाप्त हो चुका है, किंतु नए कुलपति की नियुक्ति नहीं होने के कारण वे अब तक पद पर कार्यरत हैं। आरोप है कि कार्यकाल समाप्ति के बाद भी वे उत्तरपुस्तिकाओं की बिक्री तथा आगामी वर्षों के लिए उत्तरपुस्तिका खरीदी जैसे महत्वपूर्ण वित्तीय निर्णय ले रहे हैं, जिससे पारदर्शिता को लेकर प्रश्न खड़े हो रहे हैं।

स्थानीय शिक्षाविदों का कहना है कि विश्वविद्यालय की स्थापना क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा में बेहतर अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी, लेकिन पिछले पांच वर्षों में अपेक्षित शैक्षणिक विस्तार नहीं हो सका। नए विभागों की स्थापना, दीक्षांत समारोह तथा विश्वविद्यालय की भूमि संबंधी प्रक्रियाओं में भी प्रगति सीमित बताई जा रही है।

राजनीतिक स्तर पर भी यह मुद्दा उठने लगा है,की विश्वविद्यालय के प्रशासनिक और वित्तीय मामलों की उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए तथा राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से नए कुलपति की शीघ्र नियुक्ति करने की मांग की गई है।

वहीं, कुछ शिक्षाविदों ने पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में हुई नियुक्ति प्रक्रिया की भी समीक्षा करने की आवश्यकता बताई है, ताकि विश्वविद्यालय के प्रशासनिक ढांचे को अधिक पारदर्शी बनाया जा सके।

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