रायपुर। राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़ा बताकर एक असिस्टेंट प्रोफेसर को फोन पर धमकाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। खुद को मुख्यमंत्री का विशेष कार्य अधिकारी (OSD) बताने वाले अज्ञात व्यक्ति ने पारिवारिक विवाद का हवाला देकर प्रोफेसर पर दबाव बनाने की कोशिश की। मामले को गंभीरता से लेते हुए सिविल लाइन थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिवानंद नगर निवासी और नरदहा स्थित आंजनेय यूनिवर्सिटी में पदस्थ असिस्टेंट प्रोफेसर चिंतामणी पंडा को 15 दिसंबर की दोपहर एक अनजान मोबाइल नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को मुख्यमंत्री का OSD बताते हुए बातचीत शुरू की और निजी पारिवारिक विवाद का उल्लेख किया।
आरोप है कि कॉलर ने सुलह न होने की स्थिति में गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी दी। साथ ही पत्नी की ओर से शिकायत को वरिष्ठ अधिकारियों और कॉलेज प्रबंधन तक पहुंचाने की बात कहते हुए “सबक सिखाने” जैसे शब्दों का प्रयोग कर भय का माहौल बनाने का प्रयास किया गया।
फोन कॉल के बाद प्रोफेसर मानसिक रूप से व्यथित हो गए और मामले को संदिग्ध मानते हुए सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आशंका जताई कि आरोपी ने फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर मुख्यमंत्री कार्यालय की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया है।
तकनीकी जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने शिकायतकर्ता द्वारा उपलब्ध कराए गए कॉल रिकॉर्ड, स्क्रीनशॉट और मोबाइल एप्लीकेशन से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों को जांच में शामिल किया है। थाना प्रभारी के अनुसार, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), लोकेशन ट्रैकिंग और साइबर साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि किसी संवैधानिक या सरकारी पद का गलत इस्तेमाल कर धमकी देना गंभीर अपराध है। जल्द ही आरोपी तक पहुंचकर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।







