छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एक सात वर्षीय बच्चे की बर्बर पिटाई का मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा और बेचैनी फैल गई। घटना जावाखाड़ी प्राथमिक शाला की है, जहाँ दूसरी कक्षा में पढ़ने वाले मासूम छात्र को उसके ही शिक्षक ने बेरहमी से थप्पड़ मारे।
मामला तब उजागर हुआ जब बच्चा 28 नवंबर 2025 को स्कूल से घर लौटा तो उसके गाल बुरी तरह सूजे थे और आंख के भीतर खून जम गया था। डरे-सहमे बच्चे ने परिवार को बताया कि टीचर उदय कुमार यादव नशे की हालत में स्कूल पहुंचे थे। गिनती सुनाने में हुई छोटी सी गलती पर उन्होंने बच्चे पर लगातार थप्पड़ों की बरसात कर दी।
परिवार ने तुरंत त्रिकुंडा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने गंभीरता दिखाते हुए बीएनएस की धारा 296, 115(2) और किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा 75 व 82 के तहत मामला दर्ज किया। आरोपी शिक्षक (उदय कुमार यादव, 56 वर्ष) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर अदालत में पेश कर दिया गया है।
घटना के बाद स्कूल प्रबंधन और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। लोगों का कहना है कि बच्चों के साथ हिंसा बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए और इस कार्रवाई से ऐसे मामलों पर मजबूत संदेश जाएगा। उधर, शिक्षा विभाग ने भी सख्ती दिखाते हुए आरोपी शिक्षक को तुरंत निलंबित कर दिया है।
स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि मासूम छात्र को न्याय जरूर मिलेगा और ऐसी घटनाएँ दोबारा न हों।



