छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मचारियों ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर बड़ा आंदोलन छेड़ दिया है। प्रदेशभर के 16,000 से अधिक एनएचएम कर्मचारी 18 दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं और अब उन्होंने सामूहिक इस्तीफा देकर विरोध दर्ज कराया है।
सरकार से नाराजगी
कर्मचारियों का कहना है कि कई सालों से वे नियमितीकरण, समान वेतनमान और सेवा शर्तों में सुधार की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने उनकी समस्याओं पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उनका कहना है कि जब तक सभी 10 मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
स्वास्थ्य सेवाएं ठप
हड़ताल का असर अब ग्रामीण इलाकों तक दिखाई देने लगा है। टीकाकरण अभियान, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं और प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों की सुविधाएं बाधित हो गई हैं। एनएचएम कर्मियों का आरोप है कि यदि इस दौरान किसी मरीज की जान जाती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
कर्मचारियों की अपील
एनएचएम कर्मचारी संगठन ने सरकार से अपील की है कि उनकी मांगों पर तत्काल पहल कर नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू की जाए। संगठन का कहना है कि आंदोलन का मकसद सिर्फ हक और अधिकार पाना है, लेकिन सरकार की चुप्पी ने उन्हें यह कदम उठाने पर मजबूर किया है।







