मैं हार गया, चार बेटियों के पिता सर्वेश का 481 शब्दों में लिखा दर्द, SIR के दबाव ने ले ली एक और ज़िंदगी

Madhya Bharat Desk
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मुरादाबाद।विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बढ़ते दबाव ने बुधवार को एक और ज़िंदगी निगल ली। प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षक सर्वेश सिंह (35) ने तनाव और घुटन से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। मौत से ठीक पहले लिखे तीन पन्नों के सुसाइड नोट और उनके द्वारा रिकॉर्ड किए गए 2 मिनट 40 सेकंड के वीडियो में उनकी टूटती हिम्मत, डर और असहनीय मानसिक पीड़ा साफ झलकती है।

“मैं जीना चाहता हूं… लेकिन क्या करूं”

सुसाइड नोट में सर्वेश ने लिखा—
“पहली बार यह काम मिला है। जानकारी न होने के कारण रात-दिन मेहनत के बाद भी टारगेट पूरा नहीं कर पा रहा हूं। मानसिक रूप से टूट गया हूं। मैं जीना तो चाहता हूं, पर क्या करूं… मैं हार गया।”

उन्होंने यह भी लिखा कि उनकी चारों बेटियाँ बहुत छोटी हैं, मासूम हैं और उनका ख्याल रखा जाए।
नोट के कई हिस्से बताते हैं कि लिखते समय सर्वेश दर्द से कांप रहे थे। एक पंक्ति में उन्होंने लिखा—
“अगर समय और मिलता तो शायद काम पूरा कर देता… लेकिन अब मेरे लिए देर हो चुकी है। मुझे माफ़ कर देना।”

परिवार की व्यथा—“पांच दिनों से हर समय डरा हुआ रहता था”

परिजन बताते हैं कि पिछले कुछ दिनों से सर्वेश हर पल डर में जी रहे थे, जैसे कोई अनहोनी होने वाली हो। घर के लोग उन्हें अकेला नहीं छोड़ते थे, लेकिन फिर भी सर्वेश खुद को बचा नहीं सके।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हैंगिंग बताया गया है।

पोस्टमार्टम हाउस पर भारी भीड़, पुलिस अलर्ट

घटना के बाद पोस्टमार्टम हाउस के बाहर शिक्षक बड़ी संख्या में इकट्ठा हो गए। साथी शिक्षक उनकी ईमानदारी और काम के प्रति गंभीरता की चर्चा करते नजर आए।
जानकारों के अनुसार, सर्वेश 70% से ज्यादा डाटा फीडिंग पूरी कर चुके थे—जिले की औसत प्रगति से भी अधिक।

राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी पहुंचे, लेकिन किसी भी असहज स्थिति से बचने के लिए पुलिस ने उन्हें अधिक देर रहने नहीं दिया।

पहली पत्नी ने भी की थी आत्महत्या

जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि सर्वेश की पहली पत्नी की भी शादी के एक साल बाद आत्महत्या हो गई थी। बाद में सर्वेश ने दूसरी शादी की, जिससे उन्हें चार बेटियाँ हैं।

“ड्यूटी स्वेच्छा से ली”—जांच में नया मोड़

पत्नी ने आरोप लगाया है कि SIR कार्य का अत्यधिक दबाव था और काम न करने पर जेल भेजने की धमकी दी गई थी।
लेकिन विभागीय अफसरों के अनुसार—
सर्वेश ने बीएलओ ड्यूटी स्वेच्छा से लेने की लिखित पुष्टि की थी। यह पत्र सोशल मीडिया पर भी प्रसारित है, जिसकी जांच पुलिस कर रही है।

जिला निर्वाचन अधिकारी का बयान

जिलाधिकारी अनुज सिंह ने कहा—
“बीएलओ का काम 75% पूरा था और गुणवत्तापूर्ण था। अभी तक ऐसा नहीं मिला कि किसी प्रकार की समस्या थी। पुलिस जांच जारी है। परिवार को आर्थिक सहायता और मृतक आश्रित कोटे से नौकरी सुनिश्चित की जा रही है।”

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