छत्तीसगढ़ में पहली हाईवे टनल का धमाकेदार ब्रेकथ्रू—अब सफर होगा पहले से तेज़ और आसान

Madhya Bharat Desk
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छत्तीसगढ़ ने बुनियादी ढांचे की दौड़ में एक बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। रायपुर–विशाखापट्टनम आर्थिक गलियारे पर बन रही राज्य की पहली राष्ट्रीय राजमार्ग सुरंग (टनल) ने निर्माण का सबसे चुनौतीपूर्ण चरण पार करते हुए बड़ा ब्रेकथ्रू हासिल कर लिया है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की इस प्रगति ने न सिर्फ परियोजना की गति बढ़ाई है, बल्कि छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश को जोड़ने वाली कनेक्टिविटी को भी नए युग में प्रवेश करा दिया है।

2.79 किलोमीटर लंबी यह ट्विन-ट्यूब टनल आधुनिक तकनीक से तैयार की जा रही है। लेफ्ट ट्यूब का ब्रेकथ्रू 30 सितंबर 2025 को पूरा हुआ था, और अब राइट ट्यूब का काम भी सफलता के साथ पूरा हो गया है। इसके बाद निर्माण निर्णायक चरण में पहुंच चुका है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इसके शुरू होते ही पहाड़ी क्षेत्रों में ट्रैफ़िक का दबाव काफी कम होगा और यात्रा समय में तेज़ी से गिरावट आएगी। यात्रियों को एक स्मूद, सुरक्षित और हाई-स्पीड सफ़र का अनुभव मिलेगा।

इसके साथ ही रायपुर से विशाखापट्टनम तक 464 किलोमीटर लंबे सिक्स-लेन एक्सप्रेसवे का अधिकतर निर्माण भी समाप्ति की कगार पर है। यह परियोजना रायपुर, धमतरी, कांकेर, कोंडागांव, कोरापुट और सब्बावरम जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ते हुए सीधे विशाखापट्टनम पोर्ट तक पहुंच देगी।

सरकार और इन्फ्रास्ट्रक्चर विशेषज्ञ मानते हैं कि यह टनल अगले कुछ वर्षों में भारत के मध्य क्षेत्र और पूर्वी समुद्री तट के बीच तेज़ कनेक्टिविटी की रीढ़ साबित होगी। इससे न केवल यात्रा सुगम होगी, बल्कि परिवहन लागत घटेगी—औद्योगिक गतिविधियों, व्यापार और पर्यटन को भी नई ताकत मिलेगी।

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