बिलासपुर में टैगोर इंस्टिट्यूट के संचालक के खिलाफ जमीन सौदे को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, संचालक ने 52 डिसमिल जमीन एक खरीदार को 55 लाख रुपये में बेचने का एग्रीमेंट किया था। खरीदार ने भरोसा करके किस्तों में कुल 53.24 लाख रुपये संचालक को दे भी दिए।
इतनी बड़ी राशि देने के बाद भी खरीदार को पूरा प्लॉट नहीं मिला। संचालक ने केवल 28 डिसमिल जमीन की ही रजिस्ट्री कराई, जबकि एग्रीमेंट के अनुसार पूरी 52 डिसमिल जमीन खरीदार के नाम ट्रांसफर की जानी थी।
आरोप है कि बची हुई 24 डिसमिल जमीन को संचालक किसी और व्यक्ति को बेचने की तैयारी कर रहा था। जब खरीदार को इसकी जानकारी मिली और उसने आपत्ति जताई तो संचालक लगातार बहाने बनाने लगा और बात टालता रहा।
पीड़ित ने पहले सिविल लाइन थाने में शिकायत दी, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने एसएसपी रजनेश सिंह को आवेदन देकर पूरा मामला बताया और सभी दस्तावेज भी सौंपे।
एसएसपी ने शिकायत की गंभीरता को देखते हुए संबंधित टीआई को तुरंत एफआईआर दर्ज करने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए।
पीड़ित का कहना है कि इस धोखाधड़ी की वजह से उसे आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक तनाव भी झेलना पड़ा है और वह न्याय की उम्मीद कर रहा है।



