जांजगीर-चांपा। जिले के भवंतरा गांव में हुए चौहरे हत्याकांड ने पूरे इलाके को हिला दिया है। पुलिस जांच में इस मामले में बड़ा खुलासा सामने आया है। जिस घटना से गांव में दहशत फैल गई थी, उसमें परिवार के ही लोगों का हाथ बताया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, मृतक मेदनी प्रसाद कश्यप के बेटे सोना साय कश्यप और उसके बेटे गोलू ने मिलकर इस पूरी वारदात की साजिश रची थी। चार लोगों की हत्या धारदार हथियार से की गई। मृतकों में मेदनी प्रसाद कश्यप, उनकी पत्नी शांति बाई, नाती पीताम्बर कश्यप और नातिन कुमारी मोगरा शामिल हैं।
जानकारी के मुताबिक परिवार में लंबे समय से जमीन और संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था, जो धीरे-धीरे बढ़कर हिंसा तक पहुंच गया। गांव वालों का कहना है कि घर में आए दिन झगड़े होते रहते थे और माहौल काफी तनावपूर्ण था।
यह भी सामने आया है कि आरोपी सोना साय कश्यप का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है। बताया जा रहा है कि उसने पहले अपने ही बड़े भाई की हत्या की थी, जिसके चलते वह करीब 15 साल तक जेल में रहा था। कुछ समय पहले ही वह जेल से बाहर आया था, जिसके बाद परिवार में विवाद फिर से बढ़ने लगा।
घटना का खुलासा तब हुआ जब गुरुवार सुबह निर्माणाधीन मकान में पहुंचे एक मिस्त्री ने वहां खून से सने शव देखे। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड की मदद से जांच शुरू की। पूछताछ में शक के आधार पर आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की गई, जिसमें पूरा मामला सामने आ गया।
इस घटना के बाद पूरे भवंतरा गांव में डर और आक्रोश का माहौल है। लोग इस बात से हैरान हैं कि पारिवारिक विवाद इतना बड़ा रूप ले सकता है। पुलिस अब मामले की आगे की जांच कर रही है और यह भी पता लगा रही है कि इसमें और कोई शामिल तो नहीं था।



