सुकमा जिले के पाकेला पोटाकेबिन स्कूल में मासूम बच्चों की थाली में जहर परोसने की चौंकाने वाली घटना सामने आई। यहां 426 बच्चों के लिए तैयार की गई 48 किलो सब्जी में फिनाइल मिलाया गया था। बच्चों ने जब खाने में अजीब गंध पाई, तो शिक्षकों को सूचित किया। जांच में यह साफ हुआ कि सब्जी में जानबूझकर फिनाइल मिलाया गया था।
इस मामले पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया। मुख्य न्यायाधीश ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा — “अगर कोई अनहोनी हो जाती तो हालात संभालना मुश्किल होता।” अदालत ने मुख्य सचिव से शपथपत्र में विस्तृत जवाब मांगा है और राज्य सरकार को चेताया है कि भविष्य में बच्चों की सुरक्षा में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर को होगी।
शिक्षक की संदिग्ध भूमिका
21 अगस्त को हुई इस घटना में जांच टीम को विद्यालय के एक शिक्षक की भूमिका संदिग्ध लगी है। बच्चों के बयानों से साफ है कि यह साजिश पूर्वनियोजित थी।
कलेक्टर ने बनाई जांच समिति
कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने तुरंत तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की, जिसमें एसडीएम सूरज कश्यप, डीएमसी उमाशंकर तिवारी और एपीसी आशीष राम शामिल हैं। टीम ने मौके का निरीक्षण कर बच्चों और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए और प्राथमिक रिपोर्ट तैयार की। कलेक्टर ने आदेश दिया कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक हलचल और चक्काजाम
घटना के बाद कांग्रेस और बस्तरिया राज मोर्चा की टीम स्कूल पहुंची। शुरुआत में उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया, जिससे नाराज होकर जनप्रतिनिधियों ने चक्काजाम कर दिया। बाद में प्रशासन ने चार सदस्यीय जांच दल को स्कूल परिसर में प्रवेश दिया।
बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल
426 मासूमों की जिंदगी खतरे में डालने वाली इस घटना ने पोटाकेबिन स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब निगाहें हाईकोर्ट की अगली सुनवाई और जिला प्रशासन की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं।



