धान खरीदी में बड़ा फर्जीवाड़ा: मुंगेली में 1116% तक ओवरलोडिंग, 5 केंद्रों के 9 कर्मचारी सस्पेंड, FIR दर्ज

Madhya Bharat Desk
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मुंगेली।खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान मुंगेली जिले में धान खरीदी प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी उजागर हुई है। ICCC मार्कफेड रायपुर की रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर कुंदन कुमार के निर्देश पर प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए 5 धान उपार्जन केंद्रों के 9 कर्मचारियों को निलंबित कर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।

जांच में सामने आया है कि जिले के कई उपार्जन केंद्रों पर 200 प्रतिशत से लेकर 1116 प्रतिशत तक धान की ओवरलोडिंग की गई। संयुक्त जांच टीम की रिपोर्ट के अनुसार खरीदी प्रभारी और कंप्यूटर ऑपरेटरों ने शासन के नियमों की अनदेखी करते हुए साजिश के तहत अनधिकृत वाहनों से मिलरों को धान भेजा, जिससे शासन को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा।

 इन कर्मचारियों पर गिरी गाज

सहायक आयुक्त सहकारिता एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं, जिला मुंगेली द्वारा जारी आदेश के अनुसार निम्नलिखित कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर सेवा से पृथक किया गया—

प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्या. फंदवानी

  • संतोष साहू – खरीदी प्रभारी
  • श्रीधर परिहार – कंप्यूटर ऑपरेटर

प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्या. निरजाम

  • श्रीराम सिंह ठाकुर – खरीदी प्रभारी
  • रामस्वरूप साहू – कंप्यूटर ऑपरेटर

प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्या. नवागांव घुटेरा

  • विकास पांडेय – समिति प्रबंधक/खरीदी प्रभारी
  • अनिल जांगड़े – कंप्यूटर ऑपरेटर

प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्या. तरवरपुर

  • गैदलाल (गेंदलाल) साहू – खरीदी प्रभारी

प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्या. सिंघनपुरी

  • मुरारी साहू – खरीदी प्रभारी
  • खोरबहरा साहू – कंप्यूटर ऑपरेटर

निलंबन और FIR का आदेश किसका

सभी निलंबन की कार्रवाई सहायक आयुक्त सहकारिता एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं, जिला मुंगेली द्वारा संबंधित समितियों के प्राधिकृत अधिकारियों के माध्यम से कराई गई है। वहीं जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, बिलासपुर के नोडल कार्यालय से जारी निर्देशों के अनुसार सभी आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है। यह पूरी कार्रवाई कलेक्टर मुंगेली की संयुक्त जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई।

 गंभीर दुराचार की श्रेणी में मामला

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कृत्य प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति सेवा नियम 2018 की कंडिका 16.4 के तहत गंभीर दुराचार की श्रेणी में आता है। इसी आधार पर कर्मचारियों को निलंबित कर सेवा से पृथक किया गया और आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया है। मामले की जांच आगे भी जारी है, जिससे आने वाले दिनों में और कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

धान खरीदी में अव्यवस्था को लेकर दो दिन पहले जिला खाद्य अधिकारी हुलेश डड़सेना को राज्य शासन द्वारा निलंबित किया जा चुका है। वहीं फर्जी परिवहन में संलिप्त राइस मिलर्स को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। यह पूरी कार्रवाई ICCC मार्कफेड से प्राप्त अलर्ट के बाद कलेक्टर कुंदन कुमार के निर्देशन में की गई, जिससे खाद्य एवं सहकारिता विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।

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