बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का माहौल गरमाता जा रहा है। जैसे-जैसे मतदान की तारीखें करीब आ रही हैं, नेताओं के सियासी बयान भी सुर्खियां बटोर रहे हैं। इसी बीच एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने किशनगंज में एक चुनावी रैली के दौरान तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बिहार के 17% अल्पसंख्यक सिर्फ ‘दरी बिछाने’ के लिए नहीं हैं, बल्कि मोहम्मद का बेटा भी प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री बन सकता है।
किशनगंज की जनसभा में ओवैसी का बयान
सीमांचल के किशनगंज में अपनी पार्टी के उम्मीदवार के समर्थन में पहुंचे ओवैसी ने कहा कि बिहार की राजनीति में अल्पसंख्यक समुदाय की भागीदारी को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, “जब एक मल्ला का बेटा उपमुख्यमंत्री बन सकता है, तो मोहम्मद का बेटा प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री क्यों नहीं बन सकता?”
ओवैसी ने कहा कि अब वक्त आ गया है जब बिहार के अल्पसंख्यक समुदाय को अपनी ताकत और हक का एहसास होना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे केवल वोटर न बनें, बल्कि सत्ता में अपनी हिस्सेदारी तय करें।
‘सपने देखिए, हक के लिए लड़िए’
ओवैसी ने समर्थकों से कहा, “जितना ज्यादा आप सपने देखते हैं, उतना ही आप अल्लाह की इच्छा पर भरोसा करते हैं। सपनों को साकार करने के लिए मेहनत करें। मोहम्मद का बेटा भी मुख्यमंत्री बन सकता है, इसमें कोई संदेह नहीं।”
उन्होंने यह भी कहा कि बिहार के मुस्लिम समुदाय को केवल सहायक की भूमिका में सीमित नहीं रहना चाहिए।
बिहार चुनाव 2025 का दिलचस्प मुकाबला
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 इस बार बेहद दिलचस्प माना जा रहा है। एक ओर एनडीए गठबंधन है, वहीं दूसरी ओर राजद-कांग्रेस का महागठबंधन और तीसरी तरफ प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी भी चुनावी मैदान में है।
6 और 11 नवंबर को मतदान होगा, जबकि नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। सभी दल अपने-अपने एजेंडे के साथ जनता को रिझाने में जुटे हैं।
ओवैसी की पार्टी की भूमिका
असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM सीमांचल के क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति बनाने की कोशिश कर रही है। 2020 के चुनाव में पार्टी ने पांच सीटों पर जीत हासिल की थी और इस बार वह अपने जनाधार को बढ़ाने के लिए आक्रामक प्रचार में जुटी है।







