जनता दल यूनाइटेड (JDU) के बाद अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी संगठन विरोधी गतिविधियों में शामिल नेताओं पर सख्त कार्रवाई की है। पार्टी ने अनुशासनहीनता और बगावत करने के आरोप में विधायक सहित छह नेताओं को निष्कासित कर दिया है। इनमें कुछ नेताओं ने एनडीए उम्मीदवारों के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया था।
भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि ये सभी नेता पार्टी की विचारधारा के विपरीत जाकर महागठबंधन के उम्मीदवारों को समर्थन दे रहे थे और लगातार पार्टी अनुशासन तोड़ रहे थे। इस कारण इन्हें तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित किया गया है और इनकी प्राथमिक सदस्यता भी समाप्त कर दी गई है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने दी जानकारी
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि छह नेताओं पर कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि विधानसभा चुनाव के दौरान वे एनडीए के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ काम कर रहे थे। पार्टी कार्यकर्ताओं की कई शिकायतों की जांच में यह आरोप सही पाया गया। इसके बाद अनुशासनात्मक कदम उठाते हुए इन्हें निष्कासित कर दिया गया।
विधायक पवन यादव भी निष्कासित
कहलगांव के मौजूदा विधायक पवन यादव को इस बार टिकट नहीं मिला था। इसके बाद उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरकर एनडीए प्रत्याशी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पवन यादव के साथ सनी यादव, श्रवण कुशवाहा, उत्तम चौधरी, मारुति नंदन मारुति और पवन चौधरी को भी पार्टी से बाहर कर दिया गया है।
जदयू ने भी की थी कार्रवाई
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले जनता दल यूनाइटेड ने भी अपने बागी नेताओं पर बड़ी कार्रवाई की थी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को 11 नेताओं को और रविवार को पांच और नेताओं को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। इनमें गोपाल मंडल जैसे वरिष्ठ नेता भी शामिल थे। ये सभी टिकट न मिलने से नाराज़ होकर स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने की तैयारी में थे।







