Bilaspur जिले में स्थित Seepat थाना दिवाली से एक दिन पहले उस समय सुर्खियों में आ गया, जब थाने के सार्वजनिक शौचालय में सुषासन तिहार का पोस्टर लटकता हुआ मिला। इस पोस्टर में Narendra Modi और Vishnudev Sai की तस्वीरें थीं। यह पोस्टर थाने के टॉयलेट के टूटे दरवाजे पर अस्थायी रूप से लगाकर गेट की तरह इस्तेमाल किया गया था। जैसे ही इसकी जानकारी भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को मिली, उन्होंने थाने का घेराव कर जमकर नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

पार्टी कार्यकर्ताओं ने थाना प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और तत्काल टीआई को हटाने की मांग की। मौके पर भारी संख्या में भाजपा नेता और कार्यकर्ता पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। सूचना मिलते ही एसएसपी मौके पर पहुंचे और स्थिति को शांत करने की कोशिश की। मामले को गंभीरता से लेते हुए टीआई को हटाकर सायबर सेल में अटैच कर दिया गया।
इस पूरे घटनाक्रम से थाना प्रशासन की लापरवाही पर सवाल खड़े हो गए हैं। सुषासन पखवाड़ा जैसे सरकारी आयोजन का पोस्टर किसी सार्वजनिक शौचालय में दरवाजे के रूप में इस्तेमाल होना न केवल प्रशासनिक असंवेदनशीलता को दिखाता है बल्कि राजनीतिक विवाद को भी जन्म देता है। भाजपा नेताओं ने इसे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के अपमान के रूप में देखा और कड़ा विरोध जताया।
घटना के बाद से इलाके में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पुलिस विभाग की ओर से जांच के आदेश दिए गए हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पोस्टर वहां किसकी लापरवाही से लगाया गया। यह घटना प्रशासनिक जिम्मेदारी और राजनीतिक संवेदनशीलता का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आई है।







