रायपुर। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र का असर छत्तीसगढ़ में दिख रहा है। शुक्रवार को मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में बादल छाए रहे और हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। बिलासपुर और सरगुजा संभाग के कुछ इलाकों में देर रात तेज बारिश हुई। मौसम विभाग ने शनिवार को भी इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना जताई है। हालांकि, 5 अक्टूबर से बारिश की गतिविधियों में कमी आने का अनुमान है।
4 अक्टूबर का मौसम
मौसम विभाग के अनुसार 4 अक्टूबर को प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश या गरज-चमक के साथ छींटे पड़ सकते हैं। उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ स्थानों पर भारी बारिश और वज्रपात की संभावना जताई गई है। वहीं 5 अक्टूबर से प्रदेश में बारिश का असर धीरे-धीरे कम होने की संभावना है।
सक्रिय सिस्टम
मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि ओडिशा के अंदरूनी हिस्सों में एक अवदाब सक्रिय है, जो लगभग 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-उत्तर पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। अगले 24 घंटों में इसके कमजोर होकर निम्न दबाव क्षेत्र में बदलने की संभावना है। इसके अलावा, एक द्रोणिका भी ओडिशा से होते हुए छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश तक फैली हुई है।
बिलासपुर का हाल
बिलासपुर में शुक्रवार को दिनभर बादल छाए रहे और रुक-रुककर हल्की बारिश होती रही। इससे झड़ी जैसी स्थिति बनी रही और आम जनजीवन प्रभावित हुआ। दुर्गा प्रतिमा विसर्जन और झांकी पर भी बारिश का असर देखने को मिला, हालांकि श्रद्धालुओं का उत्साह बरकरार रहा। अरपा नदी किनारे देर रात तक भीड़ जुटी रही। मौसम में बदलाव के चलते दिन का अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3-4 डिग्री कम रहा। वहीं रात का न्यूनतम तापमान 24 डिग्री रहा, जो सामान्य से करीब 1 डिग्री कम है। इस कारण दिन में ठंडक तो रही लेकिन रात में हल्की उमस महसूस की गई।







