रायपुर, 6 मई 2026 (विशेष प्रतिनिधि): नवा रायपुर के तूता धरना स्थल पर डीएड अभ्यर्थियों का आमरण अनशन मंगलवार को 133वें दिन में दाखिल हुआ। यह केवल आंदोलन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ सरकार की संवेदनहीनता का ‘लीविंग प्रूफ’ बन चुका है। लू की चपेट में 300+ अभ्यर्थी अस्पताल पहुंचे, फिर भी CM विष्णुदेव साय का महल में कान पर जूं तक नहीं रेंग रही।
शारीरिक-मानसिक संकट चरम पर
शैलेंद्र साहू 17 दिनों से बालाजी हॉस्पिटल में कोमा में। संजय कश्यप का हृदय फेल—बिलासपुर AIIMS में भर्ती। प्रतिदिन 2-3 युवा लू से ढेर हो रहे। मानसिक आघात इतना कि सुसाइड अटेम्प्ट दर्ज। फिर भी अभ्यर्थी चीख रहे—“1316 पद कब भरे जाएंगे?”
हाईकोर्ट-सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेशों की धज्जियां उड़ा रही विष्णुदेव सरकार। बजट पास, 1299 नियुक्तियां हुईं, लेकिन योग्य डीएड-TET वाले सड़क पर भीख मांग रहे। बिना योग्यता वालों को नौकरी देकर सत्ता ने न केवल भ्रष्टाचार किया, बल्कि संविधान का अपमान भी। नया नोटिफिकेशन? सपने में भी नहीं!
चरम बलिदान की अनकही कहानी
महिलाओं ने सिर मुंडवाया, पुरुषों ने बाल कटाए। दंडवत प्रणाम यात्रा, घुटनों पर रेंगकर विरोध। “चुप्पी तोड़ो” मौन धरना, “एक कप चाय न्याय के नाम” अभियान। रामनवमी कलश यात्रा, 108 दीप प्रज्वलन। जल सत्याग्रह, अंगारों पर नंगे पैर चले। शहीद दिवस पर भगत सिंह बन फांसी के तख्ते पर झूले।
तीन बार जेल, खून से खत—फिर भी बेदर्दी
पहले 125 को 4 दिन सेंट्रल जेल, फिर 6 पर एक माह का प्रतिबंध। तीसरी बार 25 को 7 दिन कैद। राष्ट्रपति-पीएम-सीएम को खून से पत्र लिखे। 5 सांसद, 30+ विधायकों का समर्थन—फिर भी सरकार बहरा बने हुए।
विष्णुदेव सरकार को अंतिम चेतावनी
“48 घंटे में 1316 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन न जारी हुआ, तो आंदोलन उग्र होगा। खून की होली खेलने की तैयारी रखें!”—अभ्यर्थी प्रतिनिधि।
संपादकीय टिप्पणी: भूपेश से विष्णुदेव तक सभी सरकारें डीएड अभ्यर्थियों के खून-पसीने से सत्ता की चारपाई सजाती रहीं। अब युवा क्रांति की घड़ी सिर पर है। CM साहब, जागें—वरना 133 दिन का यह आंसुओं का सैलाब सत्ता बहा ले जाएगा!



