अमेरिका में 6 साल बाद फिर सरकारी शटडाउन, 7.5 लाख कर्मचारियों पर असर

Madhya Bharat Desk
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नई दिल्ली। अमेरिका एक बार फिर सरकारी शटडाउन के संकट में घिर गया है। मंगलवार रात सीनेट अस्थायी फंडिंग बिल पारित करने में विफल रही, जिसके बाद सरकार की गैर-जरूरी सेवाएं ठप हो गई हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संघीय कर्मचारियों की बड़े पैमाने पर छंटनी की चेतावनी भी दी है। इस फैसले का असर हवाई यात्रा, छोटे व्यवसायों के लिए लोन और आर्थिक रिपोर्ट जैसी सेवाओं पर पड़ रहा है।

शटडाउन से प्रभावित होंगे लाखों कर्मचारी

सीनेट में 55-45 वोट से फंडिंग बिल खारिज होने के बाद सरकार बंद हो गई है। अनुमान है कि करीब 7.5 लाख संघीय कर्मचारियों को छुट्टी पर भेजा जाएगा, जिनमें से कुछ को बर्खास्त भी किया जा सकता है। नेशनल पार्क, ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स और कई अन्य सरकारी विभाग बंद हो गए हैं। हालांकि, सेना, एयर ट्रैफिक कंट्रोल और सोशल सिक्योरिटी जैसी आवश्यक सेवाएं चालू रहेंगी।

नौकरी और अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर

शटडाउन की वजह से अमेरिकी मासिक जॉब रिपोर्ट जारी नहीं होगी। इससे नई भर्तियों को लेकर उम्मीदों पर पानी फिर गया है और अर्थव्यवस्था की स्थिति और धुंधली हो सकती है। छोटे व्यवसायों को दिए जाने वाले सरकारी लोन भी प्रभावित होंगे।

क्या है शटडाउन?

अमेरिका में हर साल बजट पास करना जरूरी होता है। यदि सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स फंडिंग बिल पर सहमति नहीं बना पाते, तो सरकारी एजेंसियों को वेतन और फंडिंग नहीं मिल पाती। ऐसे में गैर-जरूरी विभाग और सेवाएं बंद कर दी जाती हैं। इसे ही शटडाउन कहा जाता है।
1981 से अब तक अमेरिका में 15 बार शटडाउन हो चुका है और यह पिछले दो दशकों में पांचवां बड़ा शटडाउन माना जा रहा है।

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