कांग्रेस की राजनीति में एक नया दृश्य सामने आया है। पार्टी की नेता अलका लांबा हाल ही में एक कार्यक्रम में आगे-आगे चलकर महिलाओं को साड़ियाँ बाँटती और लोगों को टोपी पहनने को कहती दिखीं। वहीं पीछे-पीछे कांग्रेस सांसद राहुल गांधी वोट अधिकार यात्रा वहाँ से निकलते नज़र आए।
कार्यक्रम में शामिल लोगों का कहना था कि गरीबों को सभा में बुलाने के लिए लालच का सहारा लिया गया। लोगों ने सवाल उठाया कि क्या भीड़ दिखाने के लिए अब साड़ी और टोपी ही टिकट बन गए हैं?
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इस तरह की गतिविधियाँ राहुल गांधी की छवि को नुकसान पहुँचा रही हैं। कई कार्यकर्ताओं का मानना है कि जमीनी स्तर पर जनता से सीधा संवाद करने के बजाय इस प्रकार के “तुरंत आकर्षण” (फ्री गिफ्ट) से भीड़ जुटाना कांग्रेस के लिए लंबी राजनीति में घातक साबित हो सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि राहुल गांधी की गंभीर छवि बनाने के प्रयासों को पार्टी के कुछ नेताओं की हरकतें लगातार कमजोर कर रही हैं।







