बृजमोहन अग्रवाल: ‘विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक-2025’ उच्च शिक्षा में लाएगा बड़ा बदलाव

Madhya Bharat Desk
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देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए ‘विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025’ को संसद की संयुक्त समिति ने अंतिम रूप दे दिया है। अब इस विधेयक को संसद के आगामी मानसून सत्र में पेश किया जाएगा।

रायपुर लोकसभा सांसद और संयुक्त समिति के सदस्य बृजमोहन अग्रवाल ने बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित समिति की बैठक में भाग लिया। बैठक के दौरान विधेयक के सभी प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई और विभिन्न सुझावों पर विचार करने के बाद इसे अंतिम रूप दिया गया।

बैठक के बाद सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि ‘विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक-2025’ देश में उच्च शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उनके अनुसार यह विधेयक राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 को अधिक प्रभावी, व्यावहारिक और जनहितकारी बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य तभी साकार होगा, जब देश के उच्च शिक्षण संस्थान केवल डिग्री प्रदान करने तक सीमित न रहकर नवाचार, अनुसंधान, कौशल विकास और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप दक्ष मानव संसाधन तैयार करें। यह विधेयक उच्च शिक्षा व्यवस्था को पारंपरिक ढांचे से बाहर निकालकर वैश्विक मानकों के अनुरूप आधुनिक, प्रतिस्पर्धी और रोजगारोन्मुख बनाने का प्रयास करेगा।

बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि यह विधेयक उच्च शिक्षा संस्थानों में गुणवत्ता सुधार, नवाचार को बढ़ावा, शोध संस्कृति के विस्तार और उद्योगों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आएगा। उनका दावा है कि इसके लागू होने से राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विजन को जमीनी स्तर पर लागू करने में भी मदद मिलेगी।

अब सभी की निगाहें संसद के आगामी मानसून सत्र पर टिकी हैं, जहां इस महत्वपूर्ण विधेयक को पेश किए जाने की तैयारी है। यदि संसद से इसे मंजूरी मिलती है, तो देश की उच्च शिक्षा प्रणाली में व्यापक संरचनात्मक बदलाव का रास्ता खुल सकता है।

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