कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भाजपा नेता द्वारा राहुल गांधी को गोली मारने की धमकी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ऐसे ही हत्यारों के हाथों राहुल गांधी ने अपनी दादी और पिता को खोया था। सिद्धारमैया ने भाजपा नेतृत्व और संघ परिवार पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूछा कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह इस विचार से सहमत हैं।
सिद्धारमैया ने भाजपा पर साधा निशाना
सिद्धारमैया ने कहा कि भाजपा और संघ परिवार वैचारिक विरोधियों को बहस से नहीं हरा सकते, इसलिए वे हिंसा का सहारा लेते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महात्मा गांधी से लेकर गोविंद पानसरे, नरेंद्र दाभोलकर, एम. एम. कलबुर्गी और गौरी लंकेश तक, कई विचारकों और कार्यकर्ताओं को इसी मानसिकता का शिकार होना पड़ा है।
उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं की चुप्पी इस मामले में बेहद चौंकाने वाली है। सिद्धारमैया ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी अकेले नहीं हैं, बल्कि उन्हें लाखों कार्यकर्ताओं और नागरिकों का अटूट समर्थन प्राप्त है।
पूर्व एबीवीपी नेता गिरफ्तार
मामला तब शुरू हुआ जब पूर्व एबीवीपी नेता प्रिंटू महादेवन ने एक टीवी डिबेट के दौरान राहुल गांधी के खिलाफ विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी की आकांक्षाएं बांग्लादेश और नेपाल जैसे विरोध प्रदर्शनों जैसी हैं, तो उन्हें गोली मारी जाएगी। इस बयान के बाद कांग्रेस नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई और केरल पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की। हालांकि, बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।
केरल की राजनीति में गरमाहट
केरल की राजनीति में यह मुद्दा गरमा गया है। कांग्रेस ने विधानसभा में इस पर चर्चा की मांग की, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने इसे खारिज कर दिया। वहीं, राज्य के लोक निर्माण मंत्री पी ए मोहम्मद रियास ने कहा कि विपक्ष के पास सरकार पर सवाल उठाने के लिए कुछ नहीं है, इसलिए वे इस मामले को मुद्दा बना रहे हैं।







