क्रिकेट की दुनिया में बल्लेबाज और गेंदबाज जितने अहम होते हैं, उतनी ही बड़ी जिम्मेदारी विकेटकीपर की होती है। विकेट के पीछे खड़े खिलाड़ी न सिर्फ गेंद पकड़ने का काम करते हैं बल्कि अपनी तेज़ रिफ्लेक्स, स्टंपिंग और रन आउट से मैच का रुख भी पलट देते हैं। यही वजह है कि कई दिग्गज विकेटकीपर अपनी टीम के लिए गेम चेंजर साबित हुए हैं।
एमएस धोनी से लेकर एडम गिलक्रिस्ट और मार्क बाउचर तक, कई नाम ऐसे हैं जिन्होंने अपने गजब के कौशल से क्रिकेट फैंस को हमेशा रोमांचित किया है। इन खिलाड़ियों ने कैच और स्टंपिंग के दम पर विपक्षी टीम की रणनीतियों को ध्वस्त किया और अपनी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।
धोनी की स्टंपिंग का कोई जवाब नहीं
भारत के पूर्व कप्तान एमएस धोनी विकेटकीपिंग के उस्ताद माने जाते हैं। उन्होंने 2004 से 2019 तक 538 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 829 शिकार किए, जिसमें 634 कैच और 195 स्टंपिंग शामिल हैं। खास बात यह है कि धोनी स्टंपिंग के मामले में सबसे आगे रहे और उन्हें ‘विकेट्स के पीछे दीवार’ कहा जाता है।
मार्क बाउचर रहे सबसे आगे
दक्षिण अफ्रीका के मार्क बाउचर ने 467 मैचों में 998 शिकार किए और वे इस लिस्ट में सबसे ऊपर हैं। उनके बाद ऑस्ट्रेलिया के एडम गिलक्रिस्ट का नाम आता है, जिन्होंने 396 मैचों में 905 शिकार कर अपनी पहचान बनाई।
कुमार संगकारा और इयान हीली भी शामिल
श्रीलंका के कुमार संगकारा ने 594 मैचों में 678 शिकार किए, जबकि ऑस्ट्रेलिया के इयान हीली ने 287 मैचों में 628 शिकार पूरे किए।
ये रहे दुनिया के टॉप 5 विकेटकीपर:
| खिलाड़ी (देश) | मैच | कैच | स्टंपिंग | कुल शिकार |
|---|---|---|---|---|
| मार्क बाउचर (द. अफ्रीका) | 467 | 952 | 46 | 998 |
| एडम गिलक्रिस्ट (ऑस्ट्रेलिया) | 396 | 813 | 92 | 905 |
| एमएस धोनी (भारत) | 538 | 634 | 195 | 829 |
| कुमार संगकारा (श्रीलंका) | 594 | 539 | 139 | 678 |
| इयान हीली (ऑस्ट्रेलिया) | 287 | 560 | 68 | 628 |







