छत्तीसगढ़ में सामने आए शराब घोटाले ने पूरे प्रशासन को हिला कर रख दिया है। इस घोटाले में चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी और उसके खिलाफ चल रही कानूनी प्रक्रिया लगातार सुर्खियों में बनी हुई है।
मुख्य विवरण:
4 अगस्त 2025 को रायपुर में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आरोपी चैतन्य बघेल को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया। ईडी ने शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में चैतन्य को गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी फर्जी रजिस्ट्री और जाली दस्तावेजों के ज़रिए की गई संपत्ति की डीलिंग के आधार पर की गई थी।
कोर्ट ने चैतन्य की न्यायिक हिरासत को 14 दिनों के लिए और बढ़ा दिया है। अब 18 अगस्त को उसे दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा। इससे पहले उसकी पहली रिमांड अवधि समाप्त होने पर उसे कोर्ट लाया गया और फिर से जेल भेज दिया गया।
ईडी की कार्रवाई और प्रशासन की तैयारी:
ईडी की जांच में सामने आया कि चैतन्य ने फर्जी सॉल्वेंसी और दस्तावेज़ों के आधार पर वित्तीय धोखाधड़ी की। इस पूरे मामले में प्रशासन ने अदालत में पेशी के दौरान कड़ी सुरक्षा की व्यवस्था की थी और पुलिस बल की निगरानी में उसे लाया गया।



