रायपुर।सर्व छत्तीसगढ़िया किसान समाज के बैनर तले निकाली जा रही “छत्तीसगढ़ी महतारी अस्मिता रथ यात्रा” अपने 12वें दिन पटेवा क्षेत्र के गांवों में पहुँची, जहाँ इसे अभूतपूर्व जनसमर्थन मिला। रथ यात्रा ने मानपुर, पंचपेड़ी, नवागांव, चिरको, बनपचरी, तेन्दुवाही, सिनोधा और मावा-9 गांवों का भ्रमण किया।
गांव-गांव में छत्तीसगढ़ी महतारी की प्रतिमा की आरती उतारकर स्वागत किया गया। जागरण गीत, जनजागरण सामग्री और अस्मिता से जुड़े संदेशों ने लोगों को गहराई से प्रभावित किया। इसका असर यह रहा कि किसान, युवा और महिलाएं बड़ी संख्या में संगठन की सदस्यता से जुड़ते नजर आए।
मानपुर, पंचपेड़ी, नवागांव, चिरको, तेन्दुवाही और सिनोधा में आयोजित सभाओं को राज्य निर्माण संग्राम सेनानी एवं किसान नेता लालाराम वर्मा, छन्नू साहू, नंदकुमार, अशोक कश्यप, बृज बिहारी साहू, रूपा सिंह निषाद, अवधराम साहू तथा लोक कलाकार लक्ष्मी निषाद ने संबोधित किया।
सभा को संबोधित करते हुए रथ यात्रा प्रभारी लालाराम वर्मा ने कहा कि कोडार बांध, जो करीब 70 गांवों के लाखों किसानों की सिंचाई का एकमात्र साधन है, उसे पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान अवैध तरीके से कृपा स्टील पावर प्लांट को सौंप दिया गया था। उन्होंने दावा किया कि इसे मुक्त कराने की लड़ाई संगठन के नेताओं ने ही लड़ी।
उन्होंने आगे कहा कि महासमुंद जिले में छत्तीसगढ़ी महतारी की प्रतिमा को बंधक बनाए जाने के मामले में कलेक्टर, एसपी, तहसीलदार, तुमगांव थानादार और एसडीओपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर न्यायालय के माध्यम से महतारी को मुक्त कराया गया।
लालाराम वर्मा ने कहा कि अब यही संघर्ष छत्तीसगढ़ी अस्मिता, भाषा और संस्कृति को शोषण से मुक्त कराने के लिए जारी है। इसी उद्देश्य से यह ऐतिहासिक रथ यात्रा निकाली गई है, ताकि छत्तीसगढ़ के हर गांव, हर वर्ग को एकजुट कर शोषण-मुक्त छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना का संकल्प पूरा किया जा सके।
उन्होंने यह भी बताया कि तुमगांव-सिरपुर क्षेत्र में दो फसली जमीन को वैध कराने, कृपा पावर प्लांट से फैल रहे औद्योगिक प्रदूषण के खिलाफ, तथा जल-जंगल-जमीन, फसल, जीव-जंतु और विश्व धरोहर सिरपुर को बचाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।







