भारत जैसे विकासशील देश में आज भी कई ऐसे गांव हैं, जहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव लोगों की जान पर भारी पड़ता है। झारखंड के चतरा जिले से आई यह घटना हमें यही सोचने पर मजबूर करती है कि आज भी हमारे कई गांव सड़क जैसी जरूरी सुविधाओं से वंचित हैं।
घटना का विवरण:
झारखंड के चतरा जिले के प्रतापपुर प्रखंड स्थित कुब्बा गांव में एक 8 वर्षीय बच्चा अजय अपने ही घर के पास आहर (तालाब) में डूब गया। दुर्भाग्यवश, गांव तक पक्की सड़क न होने के कारण समय पर एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी। बच्चे की जान बचाई जा सकती थी, अगर आपात स्थिति में इलाज उपलब्ध हो पाता।
जब बच्चे की मृत्यु हो गई, तो पिता भोला गंझू को अपने बेटे के शव को 4 किलोमीटर तक जंगल और पहाड़ियों के बीच कंधे पर उठाकर ले जाना पड़ा। इस दर्दनाक दृश्य ने पूरे गांव को झकझोर दिया।
समस्या की जड़:
कुब्बा गांव घने जंगल और दुर्गम पहाड़ियों के बीच स्थित है, जहां जाने के लिए आज तक पक्की सड़क नहीं बनाई गई है। ऐसे इलाकों में कच्चे रास्तों से ही लोग आना-जाना करते हैं। बारिश और आपातकालीन परिस्थितियों में यह रास्ते पूरी तरह बेकार हो जाते हैं। यह सिर्फ एक गांव की कहानी नहीं है, बल्कि देश के सैकड़ों गांवों की सच्चाई है।







