नई दिल्ली। देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अप्रत्याशित इस्तीफे के बाद राजनीतिक गलियारों में उनके उत्तराधिकारी को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। सत्तारूढ़ भाजपा नीत एनडीए गठबंधन के पास संसद के दोनों सदनों में संख्यात्मक बढ़त है, ऐसे में यह तय माना जा रहा है कि नया चेहरा भाजपा की पसंद से ही आएगा।
सूत्रों के अनुसार, भाजपा ऐसा नाम चुनना चाहती है, जो अनुभवी, निष्कलंक और संगठन से गहराई से जुड़ा हुआ हो। वहीं, संभावित नामों की सूची में कुछ राज्यपाल, वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री, और संगठन के अनुभवी चेहरे भी शामिल हैं। पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू की तरह इस बार भी किसी केंद्रीय मंत्री को यह पद सौंपा जा सकता है।
हरिवंश का नाम भी रेस में
राज्यसभा के उपसभापति और जेडीयू सांसद हरिवंश का नाम भी जोर पकड़ रहा है। वह 2020 से इस पद पर हैं और सरकार के साथ अच्छे रिश्ते बनाए रखे हैं, जिससे उन्हें एक विश्वसनीय विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।
धनखड़ ने तीन साल तक उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति के तौर पर कार्य किया। उनके कार्यकाल के दौरान कई बार विपक्षी दलों के साथ संवैधानिक और वैचारिक टकराव भी सामने आया। कई मौकों पर उनकी टिप्पणियों ने राजनीतिक विवाद भी खड़े किए।







